नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Modi raised the issue of Indians : विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि भारत रूसी सेना में शामिल हुए अपने नागरिकों की रिहाई के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के सामने रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती का मामला उठाया है।
मिसरी ने भारतीय नागरिकों से रूसी सेना में शामिल होने के ऑफर स्वीकार नहीं करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, ”मैं इस मौके पर दोहराना चाहूंगा कि हमारे नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के किसी भी ऑफर से बहुत सावधानी से बचना चाहिए। हम वहां फंसे लोगों के कई मामले देख रहे हैं, जो बचाने और बाहर निकालने की अपील कर रहे हैं। जैसा मैंने कहा, हम इस कोशिश में पूरी तरह से लगे हुए हैं।”
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 127 भारतीय रूसी सेना में शामिल हुए थे, इनमें से 98 को निकाल लिया गया है और 12 अभी भी लापता हैं।
अहम समझौते
1. रूसी उद्योग की जरूरत के मुताबिक भारत से प्रशिक्षित कामगारों की होगी आपूर्ति
2. गैर-कानूनी तौर पर श्रमिकों की आवाजाही पर रोकने में सहयोग करेंगे दोनों देश
3. खाद्य उत्पादों की सुरक्षा व गुणवत्ता में सहयोग ताकि भारत का रूस को निर्यात बढ़े
4. भारतीय कंपनी की तरफ से रूस में उर्वरक संयंत्र लगाने का रास्ता साफ
महत्वपूर्ण घोषणाएं
1. रूसी पर्यटकों को भारत 30 दिनों के लिए ई-वीजा देगा
2. रूसी नागरिकों को समूह में पर्यटन वीजा देने की घोषणा
3. वर्ष 2030 तक भारत-रूस आर्थिक सहयोग के तहत विशेष प्रोग्राम शुरू होगा
