नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधार (SIR) पर कहा कि RSS और BJP देश की संस्थाओं पर कब्जा कर रही हैं। इनमें चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, आईबी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट शामिल हैं। इससे साफ है कि बीजेपी चुनाव आयोग को डायरेक्ट कर रही है। इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है।
SIR के मुद्दे पर विपक्ष के अन्य सांसद क्या बोले…
सपा चीफ अखिलेश यादव: सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के बहाने अंदर ही अंदर NRC वाला काम कर रहे हैं। यूपी के सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वो SIR के बहाने कर रहे हैं।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी: SIR वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया है। चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने की अथॉरिटी नहीं है। चुनाव आयोग कह रहा है कि पांच लाख वोटर डिलीट, छह लाख वोटर डिलीट और बीजेपी जश्न मना रही है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी: देश के 12 राज्यों में किया जा रहा SIR गैरकानूनी है। संविधान में पूरे राज्य में एक साथ SIR को लेकर कोई कानून नहीं है, इसे तत्काल रोकें। देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट कैश ट्रांसफर करने पर रोक लगनी चाहिए, चुनाव EVM की जगह बैलट पैपर से कराए जाने चाहिए।
विपक्ष के विरोध के बाद SIR पर चर्चा तय की गई थी
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष SIR और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा था। सत्र के पहले और दूसरे दिन यानी 1-2 दिसंबर को विपक्ष ने चर्चा कराने को लेकर हंगामा किया था।
इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया था। जहां सरकार और विपक्ष ने 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे चर्चा को लेकर सहमति जताई थी।
