वाराणसी , संवाददाता : Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए वीआईपी को भी व्हीलचेयर से बाबा के दर्शन कराने का निर्णय लिया गया है। वाहनों के अंदर न जाने से जाम से निजात मिलेगी। काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ रही भीड़ और प्रशासनिक अव्यवस्था के बीच सनातन रक्षक दल ने एक अलग पहल के साथ मंदिर में दर्शन करने आ रहे वीआईपी लोगों से हो रही परेशानी को देखते हुए उनपर व्यंग्य किया है। वीआईपी लोगों को व्हीलचेयर से ही गोदौलिया और मैदागिन से मंदिर पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। मंदिर के गेट नंबर चार पर वीआईपी गाड़ियों से भीड़ होती है। इसके चलते आम भक्तों व लोगों को दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ता है। संस्था के प्रमुख पं. अजय शर्मा ने वीआईपी को ‘दिव्यांग’ करार देते हुए प्रशासन से मांग की कि मंदिर द्वार तक उनके वाहनों का प्रवेश तत्काल रोका जाए। संस्था गोदौलिया और मैदागिन पर आधा दर्जन व्हील चेयर उपलब्ध कराएगी। इन व्हीलचेयरों को चलाने वाले युवकों को 200 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएगी। चार शिफ्ट में यह व्यवस्था चलेगी और इन व्हीलचेयर पर बैठाकर वीआईपी को भी मंदिर तक पहुंचाएंगे। अजय शर्मा ने कहा कि काशी की मर्यादा, शिवभक्तों की स्वतंत्रता और जनकल्याण की भावना की रक्षा की जाए। अहंकार, अविवेक और वीआईपी मानसिकता से इस पावन नगरी को मुक्त किया जाए, ताकि आस्था का प्रवाह निर्बाध बना रहे। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के नए साल पर मंदिर के गर्भगृह में बाबा के शिवलिंग के स्पर्श दर्शन पर रोक लगाने और झांकी दर्शन की व्यवस्था के निर्णय का स्वागत किया है। इससे आमजन और वीआईपी के बीच भेदभाव मिटेगा। Post navigation KGMU : धर्मांतरण मामले में यौन उत्पीड़न की जांच कर रही समिति में कोई महिला नहीं Meerut : सुपारी किलर विनय त्यागी के अध्याय का अंत…