नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : AI : माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा है कि 2026 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित होगा, जब इसका फोकस केवल चर्चा और प्रयोगों से हटकर वास्तविक जीवन में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की ओर बढ़ेगा।
एक ब्लॉग पोस्ट में नडेला ने कहा कि AI उद्योग अब आकर्षक डेमो और दिखावे से आगे बढ़कर यह समझने की दिशा में है कि यह तकनीक असल में कहां और कैसे लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने माना कि AI की क्षमता तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसका व्यावहारिक इस्तेमाल उसी रफ्तार से नहीं बढ़ पाया है।
नडेला ने इस स्थिति को “मॉडल ओवरहैंग” बताया
नडेला ने इस स्थिति को “मॉडल ओवरहैंग” बताया, यानी AI मॉडल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, कारोबार और समाज में जितना लागू हो पा रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा तेज़ी से विकसित हो चुके हैं। उन्होंने लिखा कि हम अभी AI की लंबी यात्रा की शुरुआती अवस्था में हैं और इसके भविष्य को लेकर कई सवाल अभी भी खुले हैं।
उन्होंने कहा कि आज AI की कई क्षमताएं अभी तक बड़े स्तर पर उत्पादकता, फैसले लेने की प्रक्रिया और मानव जीवन को बेहतर बनाने में पूरी तरह तब्दील नहीं हो पाई हैं। निजी कंप्यूटर के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए नडेला ने स्टीव जॉब्स के उस विचार को याद किया, जिसमें कंप्यूटर को “दिमाग की साइकिल” कहा गया था। उनका कहना है कि AI के युग में इस सोच को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
नडेला ने स्पष्ट किया कि AI को इंसानी सोच की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने के लिए तैयार किया जाना चाहिए, ताकि यह लोगों को अपने लक्ष्य ज्यादा बेहतर तरीके से हासिल करने में मदद कर सके। उनके अनुसार, AI की असली ताकत इस बात में नहीं है कि मॉडल कितना शक्तिशाली है, बल्कि इस बात में है कि लोग उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं।
उन्होंने कहा कि AI से असली बदलाव तभी आएगा जब उद्योग केवल मॉडल बनाने से आगे बढ़कर पूरे सिस्टम विकसित करेगा, जिनमें सही सॉफ्टवेयर, काम करने की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय शामिल हों। नडेला ने यह भी माना कि AI तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन मौजूदा सिस्टम में अभी भी कई सीमाएं और चुनौतियां हैं, जिन्हें सावधानी से संभालने की जरूरत है।
