किसान कल्याण के लिए शिवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से की बैठक

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नई दिल्ली, ब्यूरो : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं बहुपक्षीय विकास साझेदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO), वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP), इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD), वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), डॉयचे गेसेलशाफ्ट फ्यूर इंटरनेशनेले जुसामेनआर्बाइट (GIZ) तथा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) शामिल हैं।

इस बैठक का उद्देश्य सहयोग को और सुदृढ़ करना, दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं का समन्वय करना तथा किसानों के कल्याण और आजीविका में सुधार के लिए दीर्घकालिक नीतियों के निर्माण सहित सतत विकास पहलों को समर्थन देना रहा।

भारत की कृषि यात्रा उल्लेखनीय रही-शिवराज सिंह

प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए चौहान ने कहा कि भारत की कृषि यात्रा उल्लेखनीय रही है, जिसमें देश ने खाद्य-घाटा वाले राष्ट्र से प्रमुख कृषि उत्पादों के बड़े निर्यातक के रूप में परिवर्तन किया है। उन्होंने इस परिवर्तन में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

चौहान ने बताया कि भारत ने सफलतापूर्वक खाद्य सुरक्षा हासिल कर ली है और अब पोषण सुरक्षा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सतत आजीविका के अवसर सृजित करने पर दृढ़ता से कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अन्य देशों के साथ अपने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की बेहतर स्थिति में है, साथ ही वैश्विक नवाचारों और अन्य देशों में अपनाए गए सफल मॉडलों से सीख लेकर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में पारस्परिक विकास और सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।

इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला, जिनमें समावेशी कृषि, छोटे किसानों के लिए बेहतर बाजार पहुंच, तथा युवाओं, महिलाओं और किसान संगठनों पर विशेष ध्यान शामिल है।

उन्होंने प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, वित्त, निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश के महत्व को भी रेखांकित किया। इसके साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिजिटल कृषि, कटाई-उपरांत अवसंरचना विकास, जलवायु-सहिष्णु फसलों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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