‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ पर 500 से अधिक साधु संतों ने निकाली शौर्य यात्रा

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नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। 11 जनवरी तक चलने वाले पर्व में अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को 500 से अधिक साधु संतों ने डाक डमरू बजाकर शौर्य यात्रा निकाली। ‘हर-हर महादेव’ के नारों ने सोमनाथ मंदिर में भक्तिमय माहौल बना दिया।

गिरनार तीर्थस्थल से शुक्रवार को बड़ी संख्या में साधु-संत भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सोमनाथ के शंख चौक से मंदिर तक साधु-संत की शौर्य यात्रा में डमरू की ध्वनि गूंज रही थी। इसी बीच, राज्य के सामाजिक और न्याय अधिकारिता मंत्री प्रद्युम्न वाजा और सांसद राजेश चुडासमा समेत कई लोग संतों की शौर्य रैली में शामिल हुए।

यह गुजरात का बेहद अनोखा पर्व

इस मौके पर साधु पियुदान गढ़वी ने कहा कि यह गुजरात का बेहद अनोखा पर्व है, जो इस समय सोमनाथ में मनाया जा रहा है। यहां शौर्य यात्रा निकाली गई थी। 11 जनवरी तक यहां भजन और ‘ओंकार’ जाप के साथ सभी को आस्था से जोड़ने का कार्य चल रहा है।

उन्होंने बताया कि यहां संतों की उपस्थिति है और शौर्य गाथा का गायन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म सबसे अलग है। यह सभी को अपने साथ लेकर चलता है। हमारे जैसा धर्म कोई नहीं हो सकता है।

महंत भारद्वाज नंद गिरी महाराज ने कहा कि सोमनाथ में ‘मिनी कुंभ’ जैसा माहौल है। यहां ‘सोमनाथ स्वाभिमान’ पर्व मनाया जा रहा है। हजारों पंडित और साधु-संत कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है। सोमनाथ मंदिर पर बार-बार हमले हुए, लेकिन यह मंदिर बार-बार उठ खड़ा हुआ। वर्तमान में हिंदुत्ववादी सरकार का समय है। आज हम कह सकते हैं कि भारत ‘हिंदू राष्ट्र’ बनने के लिए तैयार है।

बता दें कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के एक हजार साल होने पर यह ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। 11 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

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