बीजापुर, संवाददाता :बीजापुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा छिपाए गए कुल 24 किलोग्राम वजनी चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (आईईडी) बरामद किए हैं।
बीजापुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा छिपाए गए कुल 24 किलोग्राम वजनी चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (आईईडी) बरामद किए हैं। इन शक्तिशाली विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया गया, जिससे एक बड़े संभावित खतरे को टाल दिया गया। इसके अतिरिक्त, माओवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले राशन सामग्री से भरे दो सफेद ड्रम भी बरामद किए गए हैं।
मद्देड़ थाना क्षेत्र में दो बड़े आईईडी डिफ्यूज
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मद्देड थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोमनपल्ली और बंदेपारा के बीच एक कच्चे रास्ते पर माओवादियों ने दो बड़े आईईडी छिपा रखे थे। प्रत्येक आईईडी का वजन 10 किलोग्राम था और इन्हें एक साथ सीरियल में लगाया गया था।
मद्देड थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दोनों आईईडी को बरामद किया
मद्देड थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दोनों आईईडी को बरामद किया। इसके बाद, बीजापुर बीडीएस की टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इन्हें मौके पर ही सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया। इन आईईडी की बरामदगी और निष्क्रियता ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भोपालपटनम जंगल से भी बरामद हुए प्रेशर आईईडी और राशन
इसी तरह, भोपालपटनम थाना क्षेत्र के कोंडापड़गु के जंगल में चलाए जा रहे तलाशी और डीमाइनिंग अभियान के दौरान सीआरपीएफ की 214 बटालियन और जिला पुलिस बल की एक साझा टीम को बड़ी कामयाबी मिली। कांडलापर्ति कैम्प 2 के पास सर्चिंग के दौरान, टीम ने 2-2 किलोग्राम वजनी दो प्रेशर आईईडी बरामद किए। सीआरपीएफ 214 बटालियन की बीडीडी टीम ने इन प्रेशर आईईडी को भी तत्परता दिखाते हुए उसी स्थान पर नष्ट कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान, माओवादियों द्वारा जमीन के अंदर एक गड्ढे में छिपाकर रखे गए दो सफेद ड्रम भी बरामद किए गए। इन ड्रमों में माओवादियों के लिए राशन और अन्य आवश्यक सामग्री रखी जाती थी, जिनका उपयोग वे अपने अभियानों में करते थे। इन बरामदगियों से माओवादियों की गतिविधियों और उनकी सप्लाई चेन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
