जयपुर , संवाददाता : राजस्थान में चोरी के एक मामले में चार्जशीट पेश होने के महज कुछ घंटे बाद ही न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. अजय कुमार विश्नोई ने फैसला सुना दिया। जज ने चोरी के तीन आरोपितों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
राजस्थान में यह पहला मामला है जब चालान पेश होने के दिन ही मामले में गवाही हो गई, दस्तावेजों का प्रदर्शन होने के साथ ही बहस पूरी हो गई। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसला भी सुना दिया। इस दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ना तो दोपहर में भोजन किया और ना ही न्यायालय छोड़कर अपने कक्ष में गए।
न्यायालय में अभियोजन अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि न्यायालय में रिकार्ड समय में सात गवाहों के बयान दर्ज करने के साथ ही 50 अहम दस्तावेजों का अध्ययन किया गया।
दरअसल राजस्थान में कोटपुतली-बहरोड़ जिले के पावटा न्यायालय में सुबह चालान पेश किया गया, चालान पेश होने के बाद मात्र साढ़े पांच घंटे में न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार विश्नोई ने फैसला सुना दिया।
दरअसल, पांच जनवरी की रात को पावटा क्षेत्र के नारायणपुर मोड़ पर चार दुकानों के शटर तोड़कर नकदी चोरी की गई थी। दुकानदारों ने छह जनवरी को प्रागपुरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने जांच के बाद 27 जनवरी को आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 29 जनवरी को पुलिस ने न्यायालय में सुबह 11.30 बजे चार्जशीट पेश किया। चालान पेश होने के बाद महज साढ़े पांच घंटे में ट्रायल पूरा कर लिया गया। फिर सजा सुनाई गई।
