फरीदाबाद, डिजिटल डेस्क : विश्वप्रसिद्ध हरियाणा का सूरजकुंड मेला शनिवार को दो हादसों के चलते चर्चा में आ गया। एक मामले में झूला टूटने से उसमें झूल रहे करीब सात-आठ लोग घायल हो गए। वहीं, ढलती शाम के समय हुए इस हादसे से कुछ देर पहले ही मेला परिसर के गेट संख्या दो का पल्ला गिरने से एक बच्चा और एक अधेड़ व्यक्ति घायल हो गया। दोनों ही मामलों में मेला आयोजकों और स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों की मदद की। हालांकि, इन हादसों ने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि इतने बड़े आयोजन में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए क्या कारगर कदम उठाये गए हैं?
सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम करीब पांच बजे गेट गिरने से एक बच्चा सहित दो लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है गेट नंबर दो हिल रहा था। ऐसे में मेला प्रबंधन के कर्मचारी गेट को ठीक कर रहे थे। उन्होंने लोगों को उस तरफ जाने से रोका हुआ था। इस दौरान हवा के झोंके के साथ गेट गिर गया। वहां से गुजर रहे सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा घायल हो गए। उन्हें बादशाह खान अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसमें एक बच्चे को भी मामूली चोट आई।
मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रद
सूरजकुंड मेले में हादसे के बाद शाम का मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रद करना पड़ा। मेला परिसर में बनाए गए मुख्य चौपाल के मंच पर गायक नवीन पूनिया और स्टैंड अप कॉमेडियन अमित टंडन की प्रस्तुति होने वाली थी।
अभी मेला आयोजक इस दिक्कत से जूझ ही रहे थे कि परिसर में लगे एक झूला टूट गया। इस बीच उसमें झूल रहे आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। इतना सुनते ही परिसर में खलबली मच गई। सभी घटनास्थल की ओर बढ़ गए। जहां तुरंत ही एम्बुलेंस को बुलवाकर घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। साथ ही, मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। वहीं, मेले में लोगों से धैर्य एवं घटनास्थल से दूरी बनाने की घोषणा करनी पड़ी।
