नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की हालिया चुनावी जीत ने सत्तारूढ़ दल को संसद के निचले सदन में मजबूत बढ़त दिला दी है, जिससे सरकार को सुरक्षा, आव्रजन, सामाजिक मूल्यों और आर्थिक नीतियों में स्पष्ट दक्षिणपंथी रुख अपनाने की राजनीतिक ताकत मिल गई है।
ताकाइची की प्रचंड जीत
ताकाइची ने इसे मजबूत और समृद्ध जापान की दिशा में जरूरी कदम बताया है। बता दें कि उच्च सदन में बहुमत न होने के बावजूद चुनाव कराने का जोखिम उठानेवाली लौह महिला ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) को 465 सीटों वाले सदन में 316 सीटें हासिल हुईं।
ताकाइची ने सरकारी टीवी नेटवर्क एनएचके को इंटरव्यू में कहा कि वह जापान को मजबूत और खुशहाल बनाने का हर संभव प्रयास करेंगी।
ताकाइची ने पीएम मोदी का जताया आभार
दुनियाभर से मिले शुभकामना संदेशों के लिए भी ताकाइची ने आभार जताया। पीएम नरेन्द्र मोदी के संदेश पर जवाब देते हुए ताकाइची ने कहा कि वह मुक्त और खुले एशिया प्रशांत के लिए मिलकर काम करेंगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ताकाइची मजबूत महिला हैं। वह जापान को कभी शर्मिंदा नहीं होने देंगी। ट्रंप के मुताबिक, ताकाइची 19 मार्च को व्हाइट हाउस का दौरा कर सकती हैं।
रक्षा और सुरक्षा पर जोर
सरकार रक्षा नीतियों की व्यापक समीक्षा कर सैन्य क्षमता बढ़ाने और हथियार निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील देने की तैयारी में है। रक्षा बजट को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब दो प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
साथ ही एक राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के गठन और सहयोगी देशों- अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व ब्रिटेन के साथ सुरक्षा समन्वय बढ़ाने की योजना है। प्रस्तावित जासूसी-रोधी कानून को लेकर नागरिक अधिकारों पर असर की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।
अमेरिका-चीन संबंध और कूटनीतिक संकेत
ताकाइची की अमेरिका यात्रा प्रस्तावित है, जहां रक्षा व्यय, निवेश पैकेज और चीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। ताइवान को लेकर उनके पूर्व बयानों के बाद बीजिंग के साथ संबंधों में तल्खी देखी गई थी।
आव्रजन और विदेशी श्रम पर सख्तीसरकार स्थायी निवास और नागरिकता नियमों को कड़ा करने, कर और सामाजिक सुरक्षा भुगतान में चूक रोकने तथा विदेशी श्रम पर नियंत्रण बढ़ाने के पक्ष में है। यह रुख राष्ट्रवादी समूहों के बीच लोकप्रिय माना जा रहा है
सामाजिक नीतियां और पारिवारिक मूल्यताकाइची पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों की समर्थक हैं। वे समलैंगिक विवाह के विरोध और शाही परिवार में केवल पुरुष उत्तराधिकार की पक्षधर रही हैं।
विवाह के बाद अलग-अलग उपनाम रखने के कानूनी प्रविधान का भी उन्होंने विरोध किया है, जबकि महिला अधिकार समूह इसे लैंगिक समानता से जोड़कर देखते हैं।
आर्थिक मोर्चे पर खर्च बढ़ाने की योजना
महंगाई और सुस्त वेतन वृद्धि से निपटने के लिए सरकार सार्वजनिक खर्च बढ़ाने और रणनीतिक क्षेत्रों—ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, रक्षा व आपूर्ति श्रृंखला—में निवेश पर जोर दे रही है। उपभोग कर में अस्थायी कटौती, विशेषकर खाद्य वस्तुओं पर राहत, पर भी विचार चल रहा है।
