लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को जनपद बस्ती में भारत सरकार की ‘स्माइल योजना’ के तहत ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए नवनिर्मित गरिमा गृह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक समावेशन, मानवीय संवेदनशीलता और समान अधिकारों को लेकर एक सशक्त संदेश दिया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गरिमा गृह परिसर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक वातावरण जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारी है। ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक और संवेदनशील सामाजिक वातावरण का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
भेदभाव नहीं, सम्मान और स्वीकार्यता की अपील
आनंदीबेन पटेल ने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए और उन्हें सम्मान तथा स्वीकार्यता दी जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर जन्म से ही होते हैं और यह कोई अपराध या सामाजिक कलंक नहीं है। शिक्षा और रोजगार के समान अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बस्ती से शुरू हुई यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
परिवार की भूमिका सबसे अहम
राज्यपाल ने परिवार और समाज से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी परिवार में ट्रांसजेंडर बच्चा जन्म लेता है, तो उसे सम्मानपूर्वक अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा किसी भी प्रकार की टीका-टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इसे एक पुण्य कार्य बताते हुए उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय से शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि समाज उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार है।
