औरंगाबाद,संवाददाता :Bihar News: जंगल से भटककर एक हाथी मैदानी इलाके में घुस आया है और तीन दिनों से फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग की टीम उसे सुरक्षित झारखंड के पलामू के घने जंगलों की ओर खदेड़ने में जुटी हुई है।
औरंगाबाद में जंगल से भटका हाथी घुस आया है। हाथी तीन दिनों से जिले में भटक रहा है। इस दौरान हाथी के पैरों तले रौंदे जाने से रब्बी की फसलें बर्बाद हो रही हैं। मामले में वन विभाग की टीम पटाखे फोड़कर उसकी आवाज से डराकर हाथी को झारखंड के पलामू के घने जंगलों की ओर खदेड़ने में जुटी है।
सलैया के इलाके में पहले दिखा हाथी
जानकारी के मुताबिक जंगली हाथी को पहले औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड में सलैया थाना क्षेत्र के पहाड़ से सटे मैदानी इलाके में देखा गया। माना जा रहा है कि हाथी जंगल से भटकने के बाद गयाजी जिले के रास्ते इस इलाके में प्रवेश कर गया। इसे लेकर इलाके के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
समय रहते सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने किया एक्शन
समय रहते सूचना मिलने पर गयाजी जिले के शेरघाटी वन विभाग की टीम ने औरंगाबाद वन विभाग को जानकारी दी। इससे विभाग की टीम तुरंत एक्शन में आ गई और हाथी को मैदानी इलाके के निचले हिस्से में आने से रोका गया। यदि हाथी मैदानी इलाके के निचले हिस्से में आ जाता तो उसकी उत्पात से जान-माल का भयंकर नुकसान हो सकता था। वन विभाग की टीम हाथी पर लगातार नजर बनाए हुए है और टीम उसे झारखंड के पलामू के घने जंगलों में पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद इलाके के ग्रामीण भयभीत हैं।
हाथी को जंगल की ओर भेजने के हो रही मशक्कत
वनपाल रौनक कुमार ने बताया कि हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के पलामू के घने जंगल की ओर बढ़ाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि हाथी झारखंड सीमा से भटकते हुए गयाजी जिले के शेरघाटी क्षेत्र से औरंगाबाद के चाल्हो पहाड़ क्षेत्र में आ गया था। जैसे ही इसकी सूचना मिली, वन विभाग की टीम ने उसे आगे बढ़ाने का प्रयास तेज कर दिया। पिछले दिनों हाथी पिरवां-सलैया मार्ग होते हुए मदनपुर के चौखड़ा गांव पहुंच गया। इस दौरान हाथी ने कई स्थानों पर काफी उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं।
अब तक हाथी से किसी प्रकार की जनहानि नहीं
गुरुवार को हाथी ने एनएच-19 पार कर मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा में प्रवेश किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे निमा आंजन के पास सहियार इलाके में घेरकर रखा, ताकि रात के समय उसे सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। वनपाल ने यह भी बताया कि अब तक हाथी से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, हाथी ने किसानों की गेहूं सहित कई अन्य रब्बी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की टीम का प्रयास है कि हाथी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए।
