नई दिल्ली, वर्ल्ड डेस्क : पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध शनिवार को आठवें दिन दोनों तरफ से बड़े हमले भी हुए। ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने के संकेत दिए हैं।
ट्रंप ने जमीनी हमले की संभावना को लेकर अपने सलाहकारों के अलावा रिपब्लिकन नेताओं के साथ चर्चा की है। संघर्ष में रूस की भी परोक्ष एंट्री के संकेत मिले हैं। ईरान ने जार्डन में अमेरिका को बड़ा नुकसान पहुंचाते हुए 30 करोड़ डॉलर की हवाई रक्षा प्रणाली थाड को ध्वस्त कर दिया, तो इजरायल ने ईरान के 16 लड़ाकू विमानों को नष्ट करने का दावा किया।
अमेरिकी नौसेना अब तक ईरान के 42 जहाजों को डुबो चुकी है
ड्रोन हमले में दुबई एयरपोर्ट का रनवे क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि रिहायशी मरीना टावर पर ड्रोन का मलबा गिरने से इमारत के बाहरी हिस्से में आग लग गई। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना अब तक ईरान के 42 जहाजों को डुबो चुकी है। कुवैत ने तेल उत्पादन में कटौती करते हुए निर्यात पर रोक लगा दी है। अमेरिका और इजरायल ने अपने हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचा दिया है।
52,000 भारतीयों को स्वदेश वापसी
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 52,000 भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि ट्रंप बड़े पैमाने के आक्रमण के बजाय विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए अमेरिकी सैनिक भेजने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इन खबरों को कयास बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने सभी विकल्प खुले रखे हैं और अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका ने आरोप लगाया है कि रूस ईरान को अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों से जुड़ी खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रूस उपग्रह तस्वीरों के साथ अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य ठिकानों की जानकारी ईरान के साथ साझा कर रहा है।
तेहरान जोरदार धमाकों से दहल उठा
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन को पता है कि इस युद्ध में कौन किससे संपर्क कर रहा है। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरान के पास फिलहाल इतनी क्षमता नहीं है कि वह इन सूचनाओं का पूरा फायदा उठा सके।
इस बीच, शनिवार को तेहरान जोरदार धमाकों से दहल उठा। रायटर के अनुसार, इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर भीषण हमले किए। तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद आग लग गई।
इजरायल का दावा है कि इस हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कुद्स बल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 16 लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए गए। थाड के नुकसान से अमेरिका को गहरा झटका ईरान ने मिसाइल हमले में जार्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस में तैनात अमेरिकी थाड एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया।
बता दें कि थाड प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें रोकने वाले इंटरसेप्टर मिसाइलों को मार्गदर्शन देता है, जो हवा में ही दुश्मन मिसाइलों को नष्ट कर देती हैं। टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) प्लेटफार्म अमेरिका की सबसे उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों में से एक है।
यह 150-200 किमी दूर से ही बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगा सकता है। इसे अमेरिका का ‘आयरन डोम’ माना जाता है।
