Meerut : गैस एजेंसियों पर घटी भीड़, कंपनियों के सर्वर की स्थिति सुधरी

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मेरठ, संवाददाता : मेरठ में गैस कंपनियों के सर्वर में सुधार आने से घरेलू गैस की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य हो गई है। इससे गैस एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ कम हो गई है और कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बढ़ाने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।

सर्वर में सुधार आने से सोमवार को घरेलू गैस की बुकिंग पटरी पर आ गई। इससे एजेंसियों पर बुकिंग के लिए लगने वाली भीड़ कम हो गई है। घरेलू गैस की पूरी सप्लाई मिलने के बाद अब कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं।

मेरठ जिले की लगभग 85 गैस एजेंसियों से घरेलू गैस की सप्लाई हो रही है। अभी तक गैस कंपनियों का ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर भी डाउन चल रहा था। ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं होने के कारण लोगों की भीड़ गैस एजेंसियों पर जुट रही थी।

भीड़ बढ़ने पर एजेंसियों पर ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू हुई और एक पॉइंट बनाकर लोगों को सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं

भीड़ बढ़ने पर एजेंसियों पर ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू हुई और एक पॉइंट बनाकर लोगों को सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं। इसके बाद दो दिन से गैस कंपनियों के सर्वर में सुधार हो रहा है। सोमवार को सर्वर की स्थिति में सुधार आया और लोगों ने गैस की ऑनलाइन बुकिंग की। इस कारण गैस एजेंसियों पर भी लोगों की कम भीड़ आई।

कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बढ़ाने पर दिया जोर
गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस की सप्लाई तो पूरी आ रही है, लेकिन कॉमर्शियल गैस की सप्लाई केवल अस्पताल, स्कूल-कॉलेज के मेस के लिए शुरू हुई है। औद्योगिक इकाइयों के लिए भी कॉमर्शियल गैस सप्लाई के प्रयास किए जा रहे हैं,ताकि स्थिति बेहतर हो सके। अभी सरकार ने गैस कंपनियों को कुल मांग की 20 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस सप्लाई करने की अनुमति दी है।

मेरठ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन का कहना है कि गैस एजेंसियों पर आ रहे लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे लोगों की गैस बुक कराई जा रही है। व्यवस्था बनाने के लिए एजेंसियों पर पुलिस भी तैनात है। धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे।

मोबाइल नंबर बंद होने पर गैस एजेंसियों पर होगी कार्रवाई: डीएसओ

जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि लोगों की शिकायतों के अनुसार जिले में अधिकतम एलपीजी गैस एजेंसी कार्यालयों व उन पर कार्यरत कर्मचारियों के दूरभाष नंबर मिलाए जाने पर नहीं उठाए जाते हैं। गैस एजेंसी के प्रोप्राइटर व प्रबंधकों के मोबाइल नंबर भी अक्सर बंद पाए जाते हैं। इससे लोगों को एलपीजी सिलिंडर प्राप्त करने और अन्य जानकारी पाने में कठिनाई होती है।

वैश्विक परिस्थितियों के कारण पहले ही एलपीजी गैस कम होने की भ्रांति के कारण गैस पाने में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गैस एजेंसियों से संपर्क नहीं होने के कारण लोगों में असंतोष व्याप्त है। डीएसओ ने कहा है कि गैस एजेंसियों से संबंधित नंबर बंद होने अथवा न उठाने पर यह समझा जाएगा कि गैस की कालाबाजारी में गैस एजेंसी संलिप्त है।

इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए गैस एजेंसी से संबंधित नंबरों को कार्य दिवस में प्रत्येक अवस्था में कॉल रिसीव करके उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाए।

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