E-Panchayat Mission से बदला ग्रामीण प्रशासन, 96% पंचायतें डिजिटल

Panchayati-Raj

नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : E-Panchayat Mission : पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (MMP) के तहत ग्रामीण शासन में डिजिटल परिवर्तन तेजी से आगे बढ़ रहा है। संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत लागू इस परियोजना का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) में पारदर्शिता, कार्यदक्षता और जवाबदेही को मजबूत करना है।

ई-ग्रामस्वराज पोर्टल से डिजिटल पंचायतों की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2020 को लॉन्च किया गया ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पंचायतों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से पंचायत स्तर पर योजना निर्माण, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ई-ग्रामस्वराज के जरिए पंचायतें अब अपने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) को ऑनलाइन तैयार और अपलोड कर रही हैं, जिससे योजना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित हुई है।

PFMS एकीकरण से भुगतान प्रक्रिया हुई तेज

ई-ग्रामस्वराज को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) से जोड़ने के बाद भुगतान प्रणाली में भी बड़ा सुधार हुआ है। इससे विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को रियल-टाइम भुगतान संभव हो पाया है, जिससे फंड के प्रवाह में तेजी आई है और देरी में कमी आई है।

‘मेरी पंचायत’ और ‘ऑडिटऑनलाइन’ से बढ़ी पारदर्शिता

ई-पंचायत MMP के तहत कई अन्य एप्लीकेशन भी विकसित किए गए हैं। ‘मेरी पंचायत’ ऐप के जरिए नागरिक पंचायतों की योजनाओं और कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ‘पंचायत निर्णय’ ग्राम सभाओं के संचालन को पारदर्शी बनाता है, जबकि ‘ऑडिटऑनलाइन’ ऐप पंचायतों के वित्तीय लेखा परीक्षण को डिजिटल रूप से सक्षम बनाता है।

‘सभासार’ AI प्लेटफॉर्म से बैठक रिकॉर्डिंग में सुधार

मंत्रालय ने ‘सभासार’ नामक एआई-आधारित प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, जो ग्राम सभा और पंचायत बैठकों की वॉयस-टू-टेक्स्ट रिकॉर्डिंग और सार तैयार करता है। 11 मार्च 2026 तक 1.17 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों ने इसका उपयोग किया है और 2.39 लाख से ज्यादा कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।

देशभर में GPDP अपलोड का उच्च स्तर

11 मार्च 2026 तक वित्त वर्ष 2025–26 में देश की 2,64,211 ग्राम पंचायतों में से 2,54,604 (96.36%) पंचायतों ने अपने GPDP ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड कर दिए हैं। वहीं 2,42,871 पंचायतों (91.92%) ने PFMS इंटरफेस के जरिए ₹38,491 करोड़ का भुगतान किया है।

कर्नाटक बना डिजिटल पंचायतों का अग्रणी राज्य

कर्नाटक में ई-ग्रामस्वराज प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग हो रहा है। राज्य की सभी 5,949 ग्राम पंचायतों को इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है। इनमें से 5,941 पंचायतों (99.87%) ने GPDP अपलोड किया है और 5,938 पंचायतों (99.82%) ने PFMS के माध्यम से ₹1,864 करोड़ का भुगतान किया है।

लोकसभा में दी गई जानकारी

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 17 मार्च 2026 को लोक सभा में एक लिखित उत्तर के जरिए दी।

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