लखनऊ, ब्यूरो : UP Census-2027 : प्रदेश में जनगणना अब पहले से ज्यादा तेज, सटीक और डिजिटल होने जा रही है। दो चरणों में होने वाली जनगणना की प्रक्रिया मई से शुरू होकर फरवरी 2027 तक चलेगी। उम्मीद है कि मार्च 2027 तक देश के सामने पूरी तस्वीर आ जाएगी।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि नई प्रणाली को आसानी से शुरू किया जा सके।
गुरुवार को पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में जिला पंचायत राज अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया और जनगणना की नई प्रक्रिया की जानकारी हासिल की।
पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव राजेश त्यागी ने कहा
पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव राजेश त्यागी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े विकास की नींव होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर ग्राम पंचायतों से लेकर बड़े स्तर तक विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। डिजिटल जनगणना के कारण आंकड़े पहले के मुकाबले जल्दी उपलब्ध होंगे, जिससे योजनाओं को तेजी मिलेगी।
जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें आंकड़ों के संग्रह के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी और प्रबंधन केंद्रीय पोर्टल सीएमएमएस के माध्यम से किया जाएगा।
पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इससे पहले लोगों को पहली बार स्व-गणना का मौका दिया जाएगा, जिसमें वे खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इसमें पूरे आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। संयुक्त निदेशक एके राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
