दलित को फीता काटने पर पीटा, दलित फीता नहीं काटेगा

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मैनपुरी, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में बरनाहल थाना क्षेत्र के ग्राम लाखनमऊ में राधा-कृष्ण मेले के दौरान जातीय टिप्पणी को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि और उनके समर्थकों ने एक दलित परिवार पर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला कर दिया। घटना का…

 उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में बरनाहल थाना क्षेत्र के ग्राम लाखनमऊ में राधा-कृष्ण मेले के दौरान जातीय टिप्पणी को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि और उनके समर्थकों ने एक दलित परिवार पर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी में मारपीट होती दिखाई दे रही है।

तफ्सील से जानें पूरा मामला 
पीड़ित सौरभ कुमार के मुताबिक, 3 मार्च की रात करीब 10 बजे राधा-कृष्ण मेले में उनके भाई प्रमोद कुमार को फीता काटने के लिए बुलाया गया था। मेले में कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और उद्घाटन की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि तेजेंद्र कुमार, विष्णु ठाकुर, प्रदीप उर्फ बंटू, मुकेश कुमार और कुछ अन्य लोग वहां पहुंच गए।

जातिसूचक टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर पहुंचे लोगों ने जातिसूचक गालियां दीं और कहा, “ये फीता काटेगा”। इसी टिप्पणी के बाद माहौल बिगड़ गया और कहासुनी शुरू हो गई। विरोध करने पर आरोपियों ने प्रमोद कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी।

बीच-बचाव करने आए पिता और भाई को भी पीटा

सौरभ कुमार का आरोप है कि जब उनके भाई प्रमोद कुमार के साथ मारपीट हो रही थी, तब बीच-बचाव के लिए आए उनके पिता फूल सिंह और भाई संतोष कुमार को भी हमलावरों ने पीट दिया। हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए सैफई रेफर किया गया है।

पुलिस की मौजूदगी में हुई मारपीट
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मौके पर पुलिस मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद मारपीट होती रही। इसी पहलू को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते सख्ती दिखाई जाती, तो हमला रोका जा सकता था।

थाने में शिकायत, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने बरनाहल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों में कानून का कोई डर नहीं है, तभी उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में भी खुलेआम हमला किया।

मामले ने लिया राजनीतिक रंग
घटना के बाद मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। समाजवादी पार्टी ने इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और योगी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और मैनपुरी की यह घटना उसी का ताजा उदाहरण है।

सपा ने गिरफ्तारी की मांग उठाई
समाजवादी पार्टी ने अपने पोस्ट में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है।

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