नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पीएम मोदी ने शुक्रवार को भारत की सौर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि देश ने अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक सोलर कैपेसिटी जोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के एक लेख में उल्लेखित रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में हासिल इस उपलब्धि पर टिप्पणी की। ऊर्जा मंत्री ने लेख में बताया कि भारत ने 2025-26 में करीब 45 गीगावाट (जीडब्ल्यू) की सोलर क्षमता जोड़ी है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है। इससे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्लीन एनर्जी बाजारों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाती है। इस बढ़त में राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की बड़ी भूमिका रही, जहां बड़े स्तर पर सोलर प्रोजेक्ट्स लगाए गए। मार्च 2026 में ही 6.65 गीगावाट की सोलर क्षमता जोड़ी गई, जो एक महीने में अब तक की सबसे ज्यादा है। यह यूटिलिटी-स्केल और डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर प्रोजेक्ट्स में बेहतर कामकाज को दर्शाता है। यह उपलब्धि यह भी दिखाती है कि देश में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड इंटीग्रेशन और नीतिगत समर्थन में सुधार हुआ है। भारत पहले ही 150 गीगावाट से ज्यादा सोलर क्षमता पार कर चुका है और यह रिकॉर्ड आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को और मजबूती देगा, साथ ही इंडस्ट्री में कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगा। इन्वर्टर और अन्य उपकरणों के निर्यात के अवसर भी बनेंगे राज्यों द्वारा लगातार बढ़ रहे सोलर प्रोजेक्ट्स से ट्रांसमिशन नेटवर्क, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर उपकरण निर्माण में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे मॉड्यूल, इन्वर्टर और अन्य उपकरणों के निर्यात के अवसर भी बनेंगे। इस बीच, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को 115 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक सौंपा, जो इस सेक्टर की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। जोशी ने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के ‘रिन्यूएबल एनर्जी स्टैटिस्टिक्स 2026’ के अनुसार भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़ते हुए रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2025 में भारत ने बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल की थी, जब 203 गीगावाट की कुल मांग में से 51.5 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से आई थी। इसके अलावा, 31 मार्च 2026 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन (नॉन-फॉसिल फ्यूल) स्रोतों से कुल 283.46 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है। Post navigation Pakistan की पहल, US-IRAN प्रतिनिधियों के लिए वीजा-फ्री बोर्डिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा, पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज