नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने की कोशिशों को सख्ती से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह की ‘शरारती कोशिशें’ न तो सच्चाई बदल सकती हैं और न ही भारत की संप्रभुता को प्रभावित कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि चीन द्वारा झूठे दावे करने और निराधार कथाएं गढ़ने के ऐसे प्रयास इस निर्विवाद वास्तविकता को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश सहित ये स्थान और क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि चीन की ये कार्रवाइयां भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों को बाधित करती हैं। चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं।
बता दें कि 2017 के बाद चीन ने दिसंबर 2021 में 21 स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया था। चीन ने अरुणाचल के 11 जिलों जिसमें तवांग से लेकर अंजॉ के स्टैंडर्ड नाम चीनी, तिब्बती और रोमन में जारी किए। हालांकि भारत ने तब भी चीन के इस कदम को अस्वीकार्य बताया था और अपना सख्त रुख जाहिर किया था। भारत ने कहा था कि नए नाम रख देने से जमीनी सच्चाई नहीं बदल जाती। भारत ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अंग है और हमेशा रहेगा।
