कानपुर, संवाददाता : Kanpur News: पुलिस ने झारखंड समेत कानपुर के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ओडिशा में तैनात सीआईएसएफ के जवान का नाम सामने आया है।
साइबर अपराधियों ने रामबाग निवासी जीएसटी से सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर भैरव प्रसाद पांडेय और सेवानिवृत्त लेक्चरर पत्नी मीना पांडेय को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 57 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस अधिकारी बन कहा कि उनके आधार कार्ड से पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य आरोपी के खाते में 70 लाख भेजे गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने जांच कर झारखंड समेत शहर के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल ओडिशा में तैनात सीआईएसएफ जवान दाऊद अंसारी का नाम सामने आ रहा है। उसकी तलाश के लिए दो टीमें ओडिशा भेजी गई है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि करीब 77 वर्षीय भैरव प्रसाद और इंटर कॉलेज से सेवानिवृत पत्नी मीना संग रामबाग क्षेत्र में रह रहे हैं। उनका एक बेटा स्विटजरलैंड और दूसरा मुंबई में अपने परिवार के साथ रहता है। भैरव प्रसाद के पास नौ अप्रैल को व्हाट्सएप कॉल आई थी। उसमें पुलिस यूनीफार्म पहने साइबर अपराधी ने धमकी दी।
कहा कि मीना पांडेय के आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में हुआ है। इसी के माध्यम से पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड काे 70 लाख रुपये भेजे गए हैं। अब जेल जाना होगा। उनको गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम आ रही है। उनके दाेनों बेटों को भी गिरफ्तारी होगी। दोनों की नौकरी जाएगी।
इस धमकी से बुजुर्ग दंपती डर गए। पति-पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। उनको 24 घंटे तक मोबाइल के सामने सभी तरह की गतिविधियां करने के लिए कहा। मोबाइल में लिंक भेजकर उसको इंस्टाल कराया। नकली कोर्ट रूम और फर्जी पुलिस कार्यालय दिखाए। दोनों के फर्जी बयान भी लिए गए। एसबीआई और यूनियन बैंक के सेविंग खाते के अलावा अन्य जमापूंजी तुड़वा दी। आरोपियों ने कई बार के ट्रांजेक्शन में 57 लाख रुपये ठग लिए। यह निकासी 21 अप्रैल 2026 तक जारी रही। इसके बाद आरोपियों ने कॉल करना बंद कर दिया। रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर को आशंका हुई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।
जांच साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। कॉल करने वालों और खातों में गई रकम की जांच के आधार पर पुलिस ने झारखंड के वीरमऊ क्षेत्र के राजू ठाकुर, जवाहरनगर के जय प्रकाश, पुराने सीसामऊ के शुभांकर सिंह, निरालानगर के विक्रम सिंह, रायपुरवा के विनय प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से अर्टिगा कार, मोबाइल, बैंकों के दस्तावेज, खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए।
आरोपियों ने पूछताछ में जानकारी दी कि उन्हें सीआईएसएफ ओडिशा के राउरकेला में तैनात दाऊद अंसारी की ओर से रकम ट्रांसफर करने और निकलवाने के निर्देश मिलते हैं। पुलिस की दो टीमें राउरकेला के लिए रवाना हो गई हैं। सीआईएसएफ स्टाफ को आरोपी के खिलाफ पत्र दिया जाएगा। वहां उसके खिलाफ जांच की जाएगी।
पांच प्रतिशत कमीशन के चक्कर में दिए खाते
एडीसीपी क्राइम ब्रांच अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि विक्रम सिंह और विनय प्रताप सिंह रिश्ते में मामा भांजे हैं। जय प्रकाश भी रिश्तेदारी में आता है। आरोपियों को दबोचा गया तो उन्होंने बताया कि पांच प्रतिशत कमीशन के चक्कर में उन्होंने अपने बैंक खाते इस्तेमाल के लिए दिए थे। उन्हें और कोई जानकारी नहीं है। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
रामबाग के बुजुर्ग दंपती को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने के मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें एक झारखंड का रहने वाला है। गिरोह में शामिल सीआईएसएफ के जवान की भूमिका संदिग्ध मिली है। उसकी जांच कराई जा रही है। – रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
