नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान संभावित अल्पकालिक समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों देश व्यापक शांति समझौते के बजाय एक अस्थायी समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फिलहाल लड़ाई रोकना और होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता बहाल करना है। हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में उसकी क्षेत्रीय भूमिका जैसे प्रमुख विवादित मुद्दे फिलहाल अनसुलझे रहेंगे।
अमेरिका-ईरान अल्पकालिक समझौते के करीब
अधिकारियों के मुताबिक, यदि प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनती है तो इसके बाद व्यापक समझौते के लिए 30 दिनों की विस्तृत वार्ता शुरू हो सकती है। संभावित समझौते और होर्मुज खुलने की उम्मीद में गुरुवार को वैश्विक शेयर बाजार रिकार्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए, जबकि कच्चे तेल की कीमत गिरकर 97 डालर पर आ गई।
उधर, इजरायल और लेबनान युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए 14-15 मई को वॉशिगटन में बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि ईरान अमेरिका के 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही पाकिस्तान के जरिये अपनी प्रतिक्रिया भेज सकता है। हालांकि इसके लिए कोई औपचारिक समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन पाकिस्तानी मध्यस्थों का कहना है कि गुरुवार को ईरान का जवाब आ सकता है।
उधर, ईरानी संसद के एक सदस्य ने ‘अल जजीरा’ से कहा कि तेहरान जल्द ही अपना औपचारिक जवाब भेजेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। इस बीच, अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को ईरान पर नए तरह के प्रतिबंध लगाने की जानकारी दी। चीनी मीडिया काईजिन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को होर्मुज में एक चीनी तेल टैंकर पर हमला हुआ था। हालांकि, नुकसान की कोई खबर नहीं है।
अस्थायी समझौते में कई बड़े मुद्दे फिलहाल बाहर रहेंगे
अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के अनुसार, प्रस्तावित अस्थायी समझौते में ईरान कम से कम 12 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने और विदेशी बैंकों में फ्रीज अरबों डॉलर के ईरानी फंड जारी करने को तैयार है।प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि दोनों देश हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट में लागू अपनी-अपनी नाकेबंदी समाप्त करेंगे और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को दोबारा खोलेंगे।
यदि दोनों पक्ष प्रारंभिक समझौते पर सहमत होते हैं तो व्यापक समझौते के लिए 30 दिनों की विस्तृत वार्ता शुरू होगी। अमेरिकी की तरफ से वार्ता का नेतृत्व ट्रंप के दूत स्टीव विटकाफ और दामाद जेरेड कुशनर करेंगे। संभावित व्यापक समझौते में अमेरिका और ईरान द्वारा होर्मुज में लागू नाकेबंदी समाप्त करना, अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और ईरानी फंड जारी करना शामिल हो सकता है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी एजेंसी की निगरानी में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कुछ प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव है।
हालांकि मसौदे में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर रोक, पश्चिम एशिया में हिजबुल्ला जैसे सहयोगी गुटों को समर्थन समाप्त करने और ईरान के पास मौजूद करीब 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार जैसे प्रमुख मुद्दों का उल्लेख नहीं किया गया है। मध्यस्थता में शामिल पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित समझौते को तीन चरणों में लागू करने की योजना है। पहले चरण में औपचारिक युद्धविराम लागू किया जाएगा। दूसरे चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट के समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। तीसरे चरण में व्यापक समझौते के लिए 30 दिनों की विस्तृत वार्ता शुरू होगी।
