कानपुर , संवाददाता : Kanpur News: पुलिस को अब तक हुई जांच में पता चला है कि म्यूल खातों में लखनऊ, उन्नाव और कोलकाता से काफी ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं। यह किस तरह के रुपये हैं इनकी जानकारी के लिए आयकर विभाग और जीएसटी का सहयोग लिया जा रहा है।
कानपुर कमिश्नरी पुलिस करीब 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में बैंक अफसर खामोश रहे। ऐसे में अब पुलिस तीन बैंकों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उनके अधिकारियों व स्टाफ से सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (एसटीआर) जारी न करने का कारण पूछा जा सकता है। पुलिस को जांच में महफूज अली व उसके साथियों से जुड़े 100 से अधिक म्यूल खातों का पता चला है। यह विभिन्न फर्मों और लोगों के नाम पर खोले गए थे। इनमें 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ है।
कुछ खातों में चार से पांच कराेड़ रुपये प्रतिदिन का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महफूज और फरार चल रहे फिरोज खान, नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू, रिजवान के कई बैंकों में अच्छा खासा संपर्क होने की जानकारी मिली है। उनका बैंक अधिकारियों व स्टाफ के साथ अक्सर उठना बैठना रहता था। इतनी अधिक संख्या में रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, ठेला लगाने वाले, साफ-सफाई करने वालों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर खाते खोले गए।
बैंक कर्मियों की संलिप्तता की आशंका
उन खातों में काफी बड़ी संख्या में रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ लेकिन बैंकों की तरफ से कोई एसटीआर जारी नहीं हुआ। यह हैरानी की बात है। इसमें बैंक कर्मियों की संलिप्तता की आशंका है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक आईडीबीआई रेलबाजार शाखा में खुले खातों में करीब 500 करोड़ और एचडीएफसी लाल बंगला शाखा के खातों में लगभग 200 करोड़ का लेनदेन मिला है। सिटी यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक में भी काफी लेनदेन हुआ है। उनके स्टाफ से खातों की डिटेल निकलवाई जा रही है।
लखनऊ और उन्नाव से ज्यादा हुए ट्रांजेक्शन
पुलिस को अब तक हुई जांच में पता चला है कि म्यूल खातों में लखनऊ, उन्नाव और कोलकाता से काफी ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं। यह किस तरह के रुपये हैं इनकी जानकारी के लिए आयकर विभाग और जीएसटी का सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस के साथ सर्विलांस की टीमें लगाई गई हैं। एक टीम गोरखपुर, बहराइच और नेपाल से सटे राज्यों के उद्योगों पर नजर रखे हुए है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक महफूज के साथ रहने वाले सदस्य अक्सर नेपाल, गोरखपुर और बहराइच जाया करते थे।
