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आगरा ,संवाददाता :पीड़ित किसान मनोज सिंह ने बताया कि वह तहसीलदार दीपांकर के आदेश पर ही लेखपाल वीरपाल के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। पीड़ित का आरोप है कि वह कई दिनों से खेत की पैमाइश कराने के लिए लेखपाल के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि पैमाइश करने के नाम पर उससे ढाई हजार रुपये लिए भी गए, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं किया गया।

आगरा की तहसील किरावली में राजस्व विभाग के कार्यालय में फरियादी किसान से पैसे लेने और गाली-गलौज के बाद कुर्सी से गिराकर लात-घूंसे से पीटने के आरोपी लेखपाल को एसडीएम ने निलंबित कर दिया। किसान की पिटाई का वीडियो वायरल होने और पीड़ित की लिखित शिकायत पर जांच कर रहे तहसीलदार दीपांकर सिंह की प्रारंभिक जांच में दोषी मिलने पर एसडीएम अभिनव पाठक ने कार्रवाई की है। आरोपी लेखपाल वीरपाल सिंह लेखपाल संघ का जिलाध्यक्ष भी है।

सोशल मीडिया पर 46 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ

सोमवार को सोशल मीडिया पर 46 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में रायभा निवासी पीड़ित किसान मनोज सिंह तहसील स्थित राजस्वकर्मी चैंबर में लेखपाल से अपनी चक की पैमाइश कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं, लेखपाल के साथ उसका एक सहयोगी भी बैठा हुआ था। वीडियो में लेखपाल किसान से यह कहता सुनाई दे रहा है कि दूसरे चक की पैमाइश नहीं होगी, तुझसे पहले ही मना कर दिया था।

जब किसान मनोज सिंह ने कहा कि दो चक की बात हुई थी, तो तैश में आए लेखपाल ने किसान को कुर्सी से नीचे गिरा दिया और लात-घूंसों से पिटाई शुरू कर दी। पीड़ित किसान मनोज सिंह ने बताया कि वह तहसीलदार दीपांकर के आदेश पर ही लेखपाल वीरपाल के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। पीड़ित का आरोप है कि वह कई दिनों से खेत की पैमाइश कराने के लिए लेखपाल के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि पैमाइश करने के नाम पर उससे ढाई हजार रुपये लिए भी गए, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं किया गया।

एसडीएम अभिनव पाठक ने बताया कि पीड़ित किसान की शिकायत और वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर तहसीलदार दीपांकर से प्रकरण की त्वरित जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में लेखपाल वीरपाल सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। वह अनुशासनहीनता का भी दोषी मिला है। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।