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मुजफ्फरनगर, संवाददाता : मुजफ्फरनगर स्थित गांव मांडी स्थित अंकित बालियान की फैक्टरी में मजदूरों को बंधक बनाकर यातनाएं दी जा रही थीं। एक मजदूर किसी तरह भाग कर पुलिस के पास पहुंचा, तो मामला खुला। अन्य मजदूरों को भी मुक्त कराया गया। अंकित को पलवल में गिरफ्तार किया गया है।

मांडी की दोना फैक्टरी के मालिक जिस अंकित बालियान को एसआइटी सहित पुलिस की पांच टीम तलाश रही थी, वह तमंचे के साथ हरियाणा के जिला पलवल के होडल थाना क्षेत्र में तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी गिरफ्तारी के मामले को लेकर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पलवल के एसएसपी से बात की है।

पुलिस को दोना फैक्टरी में मजदूरों को बंधक बनाने व एक मजदूर नेपाल निवासी अर्जुन टोपी की गैर इरादतन हत्या के मामले में मांडी निवासी अंकित बालियान की तलाश थी। पुलिस उसे 23 जून से तलाश रही थी। बुधवार देर शाम तितावी थाना के पास हरियाणा के थाना होडल से सूचना मिली कि मांडी गांव निवासी अंकित बालियान को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया है। तितावी पुलिस से उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी की गई। तितावी पुलिस ने उसके बारे में पूरी जानकारी दी।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी मिली है। वहां वास्तव में गिरफ्तार हुआ है या फिर कुछ अन्य मामला रहा है। इस बारे में उन्होंने पलवल के एसएसपी से बात की है। आरोपी को बी वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। फैक्टरी से लापता दो मजदूरों के बारे में भी जानकारी की जाएगी।

ये है मामला
मांडी निवासी अंकित बालियान ने अपने फैक्टरी में राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, यूपी के विभिन्न स्थानों पर रहने वाले एक दर्जन मजदूरों को बंधक बनाया था। मारपीट करते हुए भूखा रखकर उनसे काम कराया जा रहा था। राजस्थान निवासी मजदूर विक्रम किसी तरह भाग कर तितावी थाने पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने श्रम विभाग की टीम की मदद से मजदूरों को बंधन मुक्त कराया था।
फैक्टरी मालिक के पिता प्रदीप बालियान, सुपरवाइजर बुढ़ाना के गांव उकावली निवासी शिवा को गिरफ्तार किया था। बाद में फैक्टरी में मजदूरों को लाने का काम करने वाले मांडी निवासी रबित को गिरफ्तार किया। सभी मजदूरों को आर्थिक मदद देकर परिजनों के साथ उनके घर भेजा गया था। पुलिस को इस मामले में अंकित बालियान की तलाश थी।

अब से पहले भी दूसरे प्रदेश में गिरफ्तार होते रहे हैं बड़े अपराधी
जनपद निवासी किसी अपराधी का दूसरे जनपद में गिरफ्तार होने का कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व समय में वांछित रहने के दौरान विक्की त्यागी नोएडा में गिरफ्तार किया गया था। सुशील मूंछ को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। इन मामलों में दूसरे राज्यों की पुलिस की भूमिका कहीं न कहीं संदिग्ध रही।