इस्लामाबाद, डिजिटल डेस्क : गुलाम जम्मू-कश्मीर में तनाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। नौ जून से जारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की अकारण गोलीबारी के कारण अब तक 56 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है या वे लापता हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए क्षेत्र में भोजन-दवाओं की नाकेबंदी कर दी है और मीडिया व इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। ‘ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ पर प्रतिबंध के एक महीने बाद भी लोग अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। उनकी मुख्य मांगों में 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करना शामिल है। रावलाकोट जिले में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित प्रदर्शनकारी छह मुख्य स्थानों पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। गंभीर हालात के मद्देनजर, कमेटी ने 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की है। कमेटी नेता सरदार अमन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी पाबंदियां जारी रहीं, तो वे आपूर्ति के लिए भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग तलाश सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर युवाओं को भारत के खिलाफ भड़काने का भी आरोप लगाया। Post navigation होर्मुज में कतर से गुजरात आ रहे रहे LNG टैंकर पर ड्रोन अटैक, 4 भारतीय क्रू थे सवार मुंबई एयरपोर्ट पर हादसा टला, एअर इंडिया-एआई एक्सप्रेस के विमान आए आमने-सामने