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 ग्वालियर,संवाददाता : शहर के महाराजपुरा क्षेत्र में सस्ते प्लॉट का लालच देकर 46.60 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फरियादी के दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को बैंक कर्मचारी और हाउसिंग बोर्ड का अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम हड़प ली। शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले रिश्तेदार का प्लॉट, फिर बैंक नीलामी का झांसा

महाराजपुरा के दीनदयाल नगर निवासी रामअवतार सिंह राठौर की दोस्ती भिंड निवासी कृष्णा गोपाल सिंह से थी। वर्ष 2023 में कृष्णा गोपाल सिंह अपनी पत्नी सरिता के साथ उनके घर आया और शताब्दीपुरम में अपनी रिश्तेदार विनीता वर्मा का प्लॉट 80 लाख रुपये में दिलाने की बात कही। सौदा तय होने पर सात लाख रुपये एडवांस भी ले लिए गए और अनुबंध कर लिया गया।

बैंक कर्मचारी और अधिकारी बनकर ऐंठे रुपये

बाद में आरोपितों ने कहा कि संबंधित प्लॉट नहीं बिकेगा और बैंक की नीलामी वाला दूसरा प्लॉट उपलब्ध है। कृष्णा गोपाल सिंह ने रामअवतार की मुलाकात अनिल श्रीवास, विनय शर्मा और धर्मवीर सिंह से कराई, जिन्हें बैंक कर्मचारी बताया गया। वहीं, रामगोपाल नामक व्यक्ति को हाउसिंग बोर्ड का अधिकारी बताकर मिलवाया गया। इसके बाद 39.60 लाख रुपये और ले लिए गए। इस तरह कुल 46.60 लाख रुपये आरोपितों ने प्राप्त कर लिए।

रजिस्ट्रार कार्यालय में खुला फर्जीवाड़ा

आरोपितों ने दूसरे प्लॉट की ई-रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेज भी दिखाए। जब रामअवतार सिंह राठौर ने रजिस्ट्रार कार्यालय में उनकी जांच कराई तो दस्तावेज फर्जी निकले। इसके बाद उन्होंने कई बार रुपये वापस मांगे, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है।