गाजीपुर, संवाददाता : मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सरकारी रिकॉर्ड से फाइलें गायब मिलने और एक लाइसेंसी रायफल का कोई सुराग न मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अफजाल अंसारी समेत दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों असफाक अहमद और गौरी शंकर राम के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है। इस मामले से जुड़ी जानकारी एसपी ईरज राजा ने मीडिया से साझा किया। एसपी के अनुसार, जांच के दौरान अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस पर निर्गत राइफल का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका। आरोप है कि संबंधित शस्त्र पत्रावली भी गायब कर दी गई। इसमें तत्कालीन शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। यह कार्रवाई मुख्तार अंसारी, उनके घर के सदस्यों और आईएस-191 गिरोह से जुड़े सदस्यों के शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच के दौरान सामने आया। एसपी ने दी जानकारी एसपी डॉ. ईरज राजा ने बुधवार को बताया कि जांच में सांसद अफजाल अंसारी को जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित पत्रावली और खरीद-बिक्री से जुड़ी पत्रावली गायब मिली है। इस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका है। शहर कोतवाल प्रमोद सिंह की तहरीर पर आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शस्त्र लाइसेंस और शस्त्र का वेरिफिकेशन चल रहा है। जांच के आधार पर कार्रवाई जारी इसी जांच के तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस फिलहाल कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों और 145 असलहों के भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने अपने जांच में पाया कि कुछ शस्त्र बहुत शातिराना तरीके से गायब किए गए हैं और उनसे संबंधित पत्रावली भी मिलीभगत से गायब की गई है। इस मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी। Post navigation UK: कैलाश यात्रा पर गिरा पहाड़ ,तवाघाट-मलघाट के बीच बड़ा भूस्खलन Commonwealth Games 2026 : इन भारतीय खिलाड़ियों से पदक की आशा