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जबलपुर , संवाददाता : मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर अब केवल सैन्य वाहनों की निर्माण भूमि नहीं, बल्कि टैंकों को नए युद्धक अवतार में तैयार करने का केंद्र बनने जा रही है। वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) में टी-72 टैंकों की आधुनिक ओवरहालिंग और निर्माण के लिए अत्याधुनिक प्लांट की नींव गुरुवार को रखी जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह आधुनिक ढांचा जबलपुर को देश के रक्षा उत्पादन नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेगा।

बड़ी बात यह है कि टी-72 टैंकों की ओवरहालिंग की जिम्मेदारी अब तमिलनाडु के अवाडी स्थित हैवी व्हीकल फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगी। वीएफजे ने प्रयोग के तौर पर मिले टैंकों की मरम्मत में सेना के कड़े गुणवत्ता मानकों को शत-प्रतिशत पूरा कर अपनी तकनीकी क्षमता साबित की है। अब उसी भरोसे के आधार पर निर्माणी को बड़ा दायित्व मिलने जा रहा है।

पहले चरण में एक वर्ष में 12 टी-72 टैंकों को ओवरहाल कर युद्ध के लिए तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद टी-90 टैंकों की ओवरहालिंग भी जबलपुर में शुरू करने की तैयारी है।

परियोजना से रक्षा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी दक्षता और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। यानी आने वाले समय में रणभूमि के भरोसेमंद युद्धक टैंकों की ‘वापसी’ का रास्ता जबलपुर से होकर गुजरेगा।

बता दें कि वीएफजे अब तक सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लिए स्टालियन ट्रक, एलपीटीए ट्रक, वाटर वाउजर और उन्नत सुरंगरोधी वाहन तैयार करता रहा है।