लखनऊ, संवाददाता : Chauth puja was performed: लखनऊ में अर्णब चक्रवात का असर करवा चौथ पर पड़ा। बारिश की वजह से चांद नहीं देखा जा सका। मेंहदी से सजे हाथ और पारंपरिक साज श्रृंगार के साथ आसमान में बादलों के बीच सुहागिन महिलाएं बृहस्पतिवार को चांद का दीदार करने के लिए इंतजार करती दिखीं। मौसम ने करवाचौथ के त्योहार पर थोड़ा सा माहौल तो बदला लेकिन सुहागिन महिलाओं ने इसका भी हल निकाल लिया और सराय माली खां में तो नीतू रस्तोगी और रूपाली रस्तोगी ने थाली में चांद बनाकर उसकी पूजा के साथ व्रत खोला। मरीन ड्राइव पर महिलाओं ने चलनी से चांद का दीदार कर पति की लंबी आयु की कामना की और कई महिलाओं ने बरसती बूंदों के बीच करवाचौथ की पूजा की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्नी नम्रता पाठक के साथ करवाचौथ का त्योहार मनाया और पूजा के बाद पानी पिलाकर पत्नी का व्रत तुड़वाया। मोतीनगर के श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम में महिलाओं ने करवाचौथ की पूजा की। इंदिरानगर ए ब्लॉक में महिलाओं ने बड़े ही धूमधाम से अपने पतियों के साथ करवाचौथ का त्योहार मनाया। गोमतीनगर विपुलखंड में गौरी गुप्ता, माया यादव, मनु चौहान, सुनयना चौधरी, आरती व अन्य महिलाओं ने पूजा कर पति की लंबी आयु की कामना की तो पंकज और कोपल मेहरोत्रा ने भी करवाचौथ का त्योहार मनाया। डिप्टी सीएम ने पत्नी संग की पूजा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्नी नम्रता पाठक के साथ करवा चौथ का पर्व मनाया। उन्होंने पत्नी को पानी पिला कर व्रत तुड़वाया। डिप्टी सीएम की पत्नी नम्रता पाठक ने कहा, “हम बस इतना कहना चाहते हैं कि सबसे पहले, आप सभी को करवा चौथ की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, जो बहनें अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं, उनके लिए यह व्रत हमें यह सिखाता है कि हम प्रार्थना करें कि आपका परिवार, आपके बच्चे और आपके पति, सभी दीर्घायु हों। हम भगवान गौरी-शंकर से यही प्रार्थना करते हैं और चंद्र देव को नमन करते हैं।” चांद न दिखे तो ऐसे खोलें व्रत करवा चौथ पर बारिश या बादलों के कारण चांद न दिखे तो चंद्रोदय के निर्धारित समय पर चंद्रमा की दिशा में अर्घ्य देकर व्रत खोल सकती हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, चौकी पर चावल से चांद की आकृति बनाकर छलनी से दर्शन करें और ॐ चंद्राय नमः मंत्र का जाप करें। भगवान शिव या चांदी के सिक्के को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा भी कर सकती हैं। व्रत और पूजन का शुभ मुहूर्त चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे से शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:09 बजे तक रहेगी। पूजन का शुभमुहूर्त शाम 5:26 से 6:43 बजे तक है, जबकि चंद्रोदय रात 8:06 बजे होगा। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, शुक्र अस्त होने के बावजूद महिलाएं करवा चौथ व्रत विधि-विधान से रख सकती हैं। उन्हें इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। Post navigation प्रेमिका ने रखा करवाचौथ का व्रत, प्रेमी ने मांगी पुलिस सुरक्षा, बोले- सहमति से हो शादी काशी के सराफा बाजार में 18 कैरेट के गहने, डायमंड मंगलसूत्र की डिमांड