अलीगढ़, संवाददाता : एमएलसी ऋषिपाल सिंह अचानक अस्पताल पहुंचे। वहां पर गंदगी और अव्यवस्थाएं देखकर उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि इतना धन खर्च होने के बाद भी मरीजों को सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। यह सरकार की छवि खराब करने जैसा कृत्य है। इसे शासन स्तर पर उठाया जाएगा। अतरौली के 100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली का रविवार को शिक्षा का व्यवसायीकरण समिति के सभापति चौधरी ऋषिपाल सिंह (एमएलसी) ने निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर, वार्डों और बाहर फैली गंदगी पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। मौके से ही सीएमओ से मोबाइल पर बात कर कहा कि अस्पताल में चौतरफा गंदगी व दुर्गंध उठ रही है। जिला स्तरीय सुविधाओं के बावजूद विभागीय उदासीनता से 100 बेड वाला यह अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। सरकार की मंशा है कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक नागरिक को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलें। इतना धन खर्च होने के बाद भी मरीजों को सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। यह सरकार की छवि खराब करने जैसा कृत्य है। इसे शासन स्तर पर उठाया जाएगा। इससे पहले उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से भी बात की इससे पहले उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से भी बात की। गुड्डी देवी ने बताया कि उनकी बहू रूबी का प्रसव हुआ है। प्रसूताओं के वार्ड में भर्ती महिलाओं को सुबह 11 बजे के करीब नाश्ते में सिर्फ दलिया दिया गया। जनकपुर निवासी फूलवती और गीता देवी ने वार्डों में गंदगी और शौचालयों से आ रही दुर्गंध के कारण हो रही समस्या की शिकायत की। कहा, सफाई व्यवस्था पूरी तरह खराब है। जखैरा निवासी अनिल ने बताया कि उनकी पत्नी कविता का प्रसव हुआ है। नवजात की तबीयत खराब होने पर उसे पं. दीनदयाल अस्पताल अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। पत्नी को तीन दिन से बुखार है लेकिन न तो चेकअप किया गया और न ही सही से देखभाल हो रही है। Post navigation जेल पहुंचते ही आजम खां बैरक में बेड न देख भड़के, कंबल-चादर लेने से किया इनकार CG : गिधवा में पहुंचे विदेशी प्रवासी पक्षी, अभयारण्य घोषित करने की मांग