Bengluru-pune-bullet -train

बेंगलुरु, डिजिटल डेस्क : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाई। इसी के साथ, रेल मंत्री ने संकेत दिया कि प्रस्तावित बेंगलुरु-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अगली उच्च गति रेल परियोजनाओं में शामिल हो सकता है। अन्य बुलेट परियोजनाएं भी शुरू की जानी हैं।

उन्होंने कहा,”भविष्य में बुलेट ट्रेन से बेंगलुरु से चेन्नई पहुंचने में सिर्फ 73 मिनट लगेंगे—एक घंटा 13 मिनट। ये दोनों शहर एक शहर जैसे हो जाएंगे।” रेल मंत्री वैष्णव ने रविवार को यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु से चलेगी। यह उत्तर कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों को हुब्बली की ओर जोड़ने के बाद पुणे और मुंबई जाएगी।

अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो जाएगी वंदे भारत एक्सप्रेस 

उन्होंने बताया कि बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस अगले कुछ हफ्तों में शुरू की जाएगी। इस मार्ग पर विद्युतीकरण और परीक्षण का काम पूरा हो चुका है। आठ मोटर कार और चार ट्रेलर कार कोच समेत 16 कोच वाली बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद ट्रेन की उद्घाटन विशेष सेवा बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी) से रवाना हुई। यह सोमवार सुबह 6.15 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पहुंचेगी।

चार हजार किमी के बुलेट ट्रेन गलियारों को मंजूरी

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चार हजार किलोमीटर के बुलेट ट्रेन गलियारों को मंजूरी दी है। आने वाले वर्षों में 3,000 किलोमीटर के और बुलेट ट्रेन गलियारों की घोषणा होगी। बेंगलुरु-पुणे जैसे कई और गलियारे होंगे, जो पूरे कर्नाटक को जोड़ेंगे—बेंगलुरु से हुब्बली होते हुए पुणे तक। वह गलियारा भी शामिल होगा।”
प्रस्तावित दक्षिणी बुलेट ट्रेन कारिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। यह बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती व चेन्नई को जोड़ेगा और दक्षिण के प्रमुख आर्थिक व प्रौद्योगिकी केंद्रों को करीब लाएगा।

बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत कुछ हफ्तों में

रेल मंत्री ने कहा, “दक्षिणी बुलेट ट्रेन कारिडोर दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यह बड़ा गुणक साबित होगा।” प्रस्तावित यात्रा समय का संकेत देते हुए वैष्णव ने कहा कि बेंगलुरु से चेन्नई की यात्रा में सिर्फ 73 मिनट, जबकि बेंगलुरु से हैदराबाद पहुंचने में दो घंटे 10 मिनट लगेंगे। बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत सेवा के बारे में मंत्री ने कहा कि जरूरी विद्युतीकरण और परीक्षण का काम पूरा हो चुका है और ट्रेन अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो जाएगी।

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बेंगलुरु में बन रही

हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि की दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) कारिडोर के लिए देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बनाई जा रही है। इसका निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के संयंत्र में हो रहा है।

इसमें स्वदेशी इंजीनियरिंग क्षमता के साथ उन्नत तकनीक, यात्रियों के आराम और विश्वस्तरीय सुरक्षा सुविधाओं का मेल होगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाया गया है। इसके डिजाइन में यात्रियों की सुविधा, सुगम पहुंच और परिचालन दक्षता को प्राथमिकता दी गई है।