लखनऊ, शिव सिंह : प्रख्यात न्यूरोसर्जन और पद्मश्री प्रो. डॉ. अशोक कुमार महापात्र (74) का सोमवार रात नई दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वह काफी दिन से बीमार थे। प्रो. महापात्र 2006 से 2009 तक एसजीपीजीआई के निदेशक रहे। कार्यकाल में उन्होंने ट्रॉमा सेंटर और ट्रांसप्लांट यूनिट का विस्तार कराया। विशेषीकृत सेवाओं, बुनियादी ढांचे तथा अकादमिक-रिसर्च सुविधाओं को मजबूत किया। पीजीआई से पहले और बाद में उनका लंबा कार्यकाल एम्स दिल्ली में रहा। 1983 से 2017 तक उन्होंने न्यूरोसर्जरी में फैकल्टी के रूप में सेवा दी। 1996 में प्रोफेसर और 2004 में सीनियर प्रोफेसर बने। वह विभागाध्यक्ष, न्यूरोसाइंस सेंटर के चीफ और डीन रिसर्च रहे। उन्होंने 870 पेपर, 16 किताबें लिखीं। बाद में 2012-2016 तक वह एम्स भुवनेश्वर के संस्थापक निदेशक रहे और संस्थान में एमबीबीएस, नर्सिंग व सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम शुरू कराए। Post navigation KGMU धर्मांतरण केस में पुख्ता सबूत -पीड़ित और गवाह भी, क्यों दर्ज नहीं हुई FIR PNB घोटाले में मास्टरमाइंड दीपांशी साथी संग गिरफ्तार