नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच अब दूसरे देश भी खुलकर सामने आ रहे हैं। चीन ने मंगलवार को कहा कि वह ईरान, लेबनान और क्षेत्र में जारी संघर्ष से बुरी तरह प्रभावित दो अन्य पश्चिम एशियाई देशों को आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करेगा।
लोगों की दिक्कतों को कम करेगा चीन
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि बीजिंग ने स्थानीय लोगों द्वारा सामना की जा रही दिक्कतों को कम करने की उम्मीद में ईरान, जॉर्डन, लेबनान और इराक को आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।
संकट का करना पड़ रहा सामना
लिन ने कहा, ‘मौजूदा समय में जारी पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के लोगों को संकट का सामना करना पड़ा है। चीन संबंधित देशों के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त करता है।’
पहले से ही लगभग 2.5 करोड़ लोग प्रभावित
विदेश मंत्री इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या चीन संबंधित देशों को मानवीय सहायता प्रदान करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने हाल ही में कहा था कि पश्चिम एशिया में संकट एक बड़ा मानवीय आपातकाल बन गया है और इन क्षेत्रों में पहले से ही लगभग 2.5 करोड़ लोग प्रभावित हैं।
लेबनान में लगभग 8,00,000 लोग विस्थापित
लिन ने कहा कि ईरान में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई है, जबकि लेबनान में लगभग 8,00,000 लोग विस्थापित हुए हैं। जॉर्डन, इराक और अन्य देश भी प्रभावित हुए हैं। पिछले सप्ताह, चीन ने अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के दौरान ईरान के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हालिया बम हमले में मारे गए पीड़ितों के परिजनों के लिए आपातकालीन मानवीय सहायता के रूप में 2,00,000 अमेरिकी डॉलर की घोषणा की थी।
