वाशिंगटन, न्यूयॉर्क टाइम्स : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को घोषणा की कि ट्रंप प्रशासन ने ऑनलाइन सेंसरशिप में शामिल होने के आरोप में पांच प्रमुख यूरोपीय नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
अमेरिका ने जिन पांच लोगों को प्रतिबंधित किया है उनमें यूरोपीय आयोग के पूर्व सदस्य थियरी ब्रेटन भी शामिल हैं, जिन्हें लोक कूटनीति की उप विदेश मंत्री सारा बी.रोजर्स ने डिजिटल सेवा अधिनियम का ”मास्टरमाइंड” बताया है।
अमेरिका के इस कदम से यूरोपीय देश बिफर गए हैं। कई नेताओं ने आपत्ति जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इन यूरोपीय नागरिकों को कट्टरपंथी कार्यकर्ता और हथियारबंद गैर-सरकारी संगठन बताया।
इन पर मई में घोषित नई वीजा नीति लागू की गई है जिसका उद्देश्य अमेरिका में संरक्षित अभिव्यक्ति की सेंसरशिप के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले विदेशियों के प्रवेश को प्रतिबंधित करना है।
थियरी ब्रेटन के अलावा जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें सेंटर फार काउंटरिंग डिजिटल हेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इमरान अहमद, जर्मन संगठन हेटएड की प्रमुख जोसेफिन बैलन व अन्ना-लेना वान होडेनबर्ग और ग्लोबल डिसइन्फार्मेशन इंडेक्स चलाने वाली क्लेयर मेलफोर्ड शामिल हैं।
यूरोपीय संघ, फ्रांस और जर्मनी ने ऑनलाइन नफरत और दुष्प्रचार से लड़ने वाले यूरोपीय नागरिकों पर अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों की निंदा की है। ब्रसेल्स ने कहा कि वह अनुचित उपायों के खिलाफ तेजी से और निर्णायक रूप से जवाब दे सकता है। जर्मनी के न्याय मंत्रालय ने कहा कि वीजा प्रतिबंध अस्वीकार्य हैं।
