रायपुर, संवाददाता : छत्तीसगढ़ की पंडरिया विधानसभा सीट से विधायक भावना बोहरा ने मंगलवार को 66 आदिवासी परिवारों के सदस्यों के पैर धोए, जिसकी चर्चा पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया में जमकर हो रही है। दरअसल, भावना बोहरा ने दमगढ़ गांव में ‘जनजातीय गौरव सम्मेलन और सम्मान समारोह’ का आयोजन किया था। इस मौके पर 66 आदिवासी परिवार के सदस्यों का ‘घर वापसी’ पर स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही, इस मौके पर जंगल क्षेत्र में आने वाले इलाकों के लिए 2 बाइक एम्बुलेंस का भी खास तोहफा दिया गया।
अपनी मूल आस्था की ओर लौटे आदिवासी
विधायक भावना बोहरा की पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में 66 आदिवासी परिवारों के सदस्य अपनी मूल आस्था की ओर लौट आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और आदिवासियों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों से प्रभावित होकर इन सदस्यों ने यह कदम उठाया है। इन परिवारों के लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर काफी खुश हैं। समारोह में विधायक बोहरा ने इनका पारंपरिक तरीके से पैर धोकर स्वागत किया और सम्मानित किया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यह घर वापसी किसी दबाव का नतीजा नहीं है, बल्कि यह आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को दोबारा मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया है।
‘कुछ लोग आदिवासियों को भ्रमित करते हैं’
इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने कहा, ‘आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षक रहा है। प्रकृति पूजा, लोक देवताओं का सम्मान और सामुदायिक जीवन शैली हमारी सनातन विरासत का अभिन्न अंग है। कुछ लोग लालच देकर निर्दोष आदिवासी भाइयों-बहनों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब आदिवासी समाज अपनी विरासत को पहचान रहा है।’ उन्होंने कहा कि जो लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए आदिवासियों को भ्रमित करते हैं, अगर वे सच में उनकी भलाई चाहते तो उन्हें उनकी इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और आदिवासी नायकों के बलिदान के बारे में बताते, न कि भ्रम फैलाते।
