नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी (LPG) की कमी को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। इन अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें और लोगों के बीच घबराहट का माहौल देखा गया। लेकिन क्या वाकई देश में ईंधन का संकट है? इस पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने स्थिति साफ करते हुए एक बेहद राहत भरी खबर दी है। सरकार का दावा है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई बात नहीं है। सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $70 से बढ़कर $100 के पार पहुंच गई हैं, लेकिन भारत ने इसके लिए पहले से ही पुख्ता तैयारी कर रखी है। सरकार के पास कच्चे तेल का इतना भंडार है कि अगले दो महीनों तक सप्लाई में कोई बाधा नहीं आएगी। देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता या उससे भी ज्यादा पर काम कर रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पड़ोसी देशों से बेहतर है भारत के हालातसुजाता शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि जहां भारत के कई पड़ोसी देशों में ईंधन की भारी किल्लत है और वहां कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नहीं बढ़ने दिया है। Post navigation Iran की मदद के नाम पर जांच एजेंसियों को आतंकी फंडिंग का शक PM मोदी का मास्टरस्ट्रोक… अब रूस से LNG खरीदने की तैयारी