नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक भावनात्मक और प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के साथ मिलकर लोहड़ी का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया। कड़ाके की ठंड और सीमा क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद ग्रामीण और सुरक्षाकर्मी एक साथ बोनफायर के चारों ओर जुटे। इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने पूरे देशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व एकता, खुशी और नई शुरुआत का प्रतीक है। पारंपरिक गीत, ढोल और प्रसाद से सजी लोहड़ी उत्सव के दौरान स्थानीय लोगों ने पारंपरिक गीत गाए, ढोल की थाप पर नृत्य किया और अलाव में मूंगफली, रेवड़ी और गुड़ की आहुति दी। यह आयोजन सीमा पर तैनात जवानों और आसपास के गांवों के बीच मजबूत भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया। बीएसएफ के जवानों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हर त्योहार पर गांव के लोग उनके पास आते हैं, जिससे उन्हें अपने परिवार के पास होने जैसा एहसास होता है। जवानों ने कहा कि गांव के लोग हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं और वे भी ग्रामीणों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। पूजा-अर्चना के बाद साझा किया गया प्रसाद एक अन्य जवान ने बताया कि गांव वालों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा लाया गया प्रसाद सभी जवानों में बांटा गया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से सभी बेहद खुश हैं और ग्रामीणों का सहयोग हमेशा मिलता है। ग्रामीणों ने जताया सम्मान और समर्थन ग्रामीणों ने कहा कि जवान अपने परिवार से दूर रहकर देश और गांव की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उनके साथ त्योहार मनाना उन्हें अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि वे जवानों की हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। Post navigation PM Modi ने प्रेरक श्लोक उद्धृत कर युवाओं को दिया संदेश Bharat और Germany के बीच AI समेत 27 अहम मुद्दों पर सहमति