अनुसूचित जाति छात्रावास में भोजन को लेकर हंगामा

मैहर, संवाददाता : जिले के अमरपाटन स्थित शासकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में भोजन की मात्रा और गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया

छात्रों का कहना है कि उन्हें निर्धारित मानकों से कम भोजन दिया जा रहा है, जिससे कई बार उन्हें पर्याप्त खाना नहीं मिल पाता। मामले का वीडियो मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।

वीडियों प्रसारित कर छात्रावास अधीक्षक पर लगाएं आरोप

छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भोजन की मात्रा और गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं किया गया।

छात्रों ने अपनी समस्या का वीडियो बनाया

परेशान होकर छात्रों ने अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बहुप्रसारित होने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।

छात्रों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं

मामले की जानकारी मिलते ही अमरपाटन तहसीलदार आरडी साकेत छात्रावास पहुंचे। उन्होंने छात्रों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं।

भोजन की मात्रा और गुणवत्ता में कमी न रहे

अमरपाटन तहसीलदार आरडी साकेतछात्रावास अधीक्षक को निर्देश दिए कि भोजन की मात्रा और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न रहे तथा सभी विद्यार्थियों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।

  • तहसीलदार आरडी साकेत ने छात्रावास पहुंचकर निरीक्षण किया।
  • छात्रावास में वर्तमान में करीब 19 से 20 विद्यार्थी निवास कर रहे हैं।
  • छात्र बोले- नियमानुसार प्रत्येक छात्र को 50 ग्राम दाल मिलनी चाहिए।
  • 20 छात्रों के लिए लगभग एक किलोग्राम दाल पकाई जानी चाहिए।
  • कुछ दिन पहले 20 छात्रों के लिए मात्र 600 ग्राम दाल दी गई थी
  • शनिवार को भी केवल 750 ग्राम दाल ही उपलब्ध कराई गई।

निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई

छात्रों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

9 स्कूलों से हटाए गए पुराने स्व-सहायता समूह

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्यान्ह भोजन) योजना के संचालन में लापरवाही और अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र सिंह ने अमरपाटन विकासखंड के 7 तथा मैहर विकासखंड के 2 सहित कुल 9 शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का संचालन कर रहे पुराने स्व-सहायता समूहों की जिम्मेदारी समाप्त कर दी है। अब इन विद्यालयों में भोजन व्यवस्था का संचालन नए स्व-सहायता समूहों एवं स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के माध्यम से कराया जाएगा।

तत्काल प्रभाव से हटाकर नई व्यवस्था लागू

जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई अनुश्रवण समिति के निर्णय एवं एसडीएम अमरपाटन के प्रस्ताव के आधार पर की गई है। जिन समूहों पर कार्य में लापरवाही के आरोप थे अथवा जिन्होंने स्वयं संचालन से इस्तीफा दे दिया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।