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 इंदौर,संवाददाता : कचरे के ढेर में फेंके गए फटे-पुराने झोले में पुश्तैनी चांदी का कलश रखा था। परिवार को जब इसका पता चला तो देर हो चुकी थी। कलश कचरा वाहन के साथ ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंच चुका था। इसके बाद परिवार ने पार्षद से मदद मांगी और निगमकर्मियों ने करीब 24 घंटे तक तलाश कर दो किलो वजनी चांदी का कलश ढूंढ निकाला। कलश मिलने के बाद रावेरकर परिवार ने राहत की सांस ली। रविवार को रहवासियों ने निगमकर्मियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका स्वागत किया।

सुबह फेंका कचरा शाम को आया होश

शुक्रवार सुबह राजेंद्र नगर के रावेरकर परिवार ने रोज की तरह घर का कचरा निगम के कचरा वाहन में डाल दिया। इस कचरे में वह फटा-पुराना झोला भी था, जो वर्षों से यूं ही पड़ा हुआ था। घरवालों को इसका अंदाजा नहीं था कि इस झोले में उनका दशकों पुराना करीब दो किलो वजनी चांदी का कलश रखा हुआ है।

देर शाम परिवार को ध्यान आया कि सुबह कचरा वाहन को दिए कचरे में उनका पुश्तैनी चांदी का कलश भी चला गया है। फिर क्या था, हड़कंप मच गया। घरवाले तुरंत वार्ड 80 के पार्षद प्रशांत बड़वे के घर पहुंचे और उन्हें रुंधे गले से पूरी बात बताई। इसके बाद कलश की तलाश शुरू हुई। रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे निगमकर्मियों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड में कलश तलाश लिया।

कचरा पहुंच गया था प्लांट

पार्षद बड़वे ने बताया कि शुक्रवार रात राजेंद्र नगर स्थित उनके घर के पास रहने वाले रावेरकर परिवार के लोग उनके पास पहुंचे और बताया कि सुबह कचरा वाहन के साथ उनका चांदी का कलश भी चला गया है। इस पर उन्होंने तुरंत वाहन चालक को फोन लगाया। उसने बताया कि वह तो सुबह ही गाड़ी लालबाग स्थित जीटीएस में खाली कर चला गया था। जीटीएस प्रभारी से बात हुई तो उसने बताया कि कचरा वहां से ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थित प्लांट भेजा जा चुका है।

रहवासियों ने किया निगमकर्मियों का सम्मान

ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थित नेप्रा के प्लांट प्रभारी धीरज व्यास ने बताया कि शुक्रवार दिनभर आए सूखे कचरे की छंटाई हो गई है और इसे शनिवार सुबह मशीन में दबाया जाएगा। सूचना मिलने पर शनिवार सुबह करीब सात बजे से कलश की तलाश फिर शुरू हुई। अंतत: सुबह करीब 10 बजे नेप्रा प्लांट में कलश मिल गया।

कर्मचारियों ने इसकी सूचना तुरंत बड़वे को दी, जिसके बाद कलश रावेरकर परिवार को लौटा दिया गया। पार्षद ने बताया कि रविवार को रहवासियों ने कार्यक्रम आयोजित कर निगमकर्मियों का सम्मान किया। उपस्थित लोगों ने अपने स्थान पर खड़े होकर तालियां बजाकर उनका सम्मान किया।