रामपुर, संवाददाता : दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सात-सात साल की सजा काट रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर जेल से शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी शिफ्टिंग के आदेश प्रशासन को शनिवार को मिल गए थे। रविवार सुबह दोनों को जेल से जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच के उनको दूसरे जगह के लिए रवाना कर दिया गया। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपीएलए कोर्ट ने बुधवार को सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने तीनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेजा था। शुरू से ही यह आशंका जाहिर की जा रही थी कि तीनों को दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। इसको लेकर पुलिस प्रशासन से लेकर जेल प्रशासन तक अपनी रिपोर्ट भेज चुका था। शनिवार की रात में आजम और अब्दुल्ला को रामपुर से बाहर भेजने का आदेश पुलिस प्रशासन को मिल गया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि सपा नेता आजम खां को हरदोई जेल में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सीतापुर जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा डॉ. तजीन फात्मा को रामपुर जेल में ही रखने के आदेश मिले हैं। दूसरी ओर आदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने हरदोई व सीतापुर भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार को दोनों को रामपुर जेल से दूसरी जेलों में शिफ्ट करने के लिए रवाना कर दिया। सीतापुर जेल से अब्दुल्ला आजम का पुराना नाता सीतापुर जेल से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का पुराना नाता रहा है। वह यहां करीब ढाई साल तक सीतापुर जेल में रह चुके हैं। सपा नेता आजम खां ने अपने परिवार समेत 26 फरवरी 2020 को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। उनके साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां और पत्नी डा.तजीन फात्मा भी रही थीं। तीनों को उस वक्त सीतापुर में जेल में रखा गया था। करीब ढाई साल पहले अब्दु्ल्ला आजम सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। इससे पहले उनकी मां तजीन फात्मा रिहा हुई थीं। साथ ही सबसे बाद में 27 माह बाद सपा नेता आजम खां जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। सीतापुर जेल अब्दुल्ला के लिए पुरानी है। आजम के लिए हरदोई जेल होगी नईसपा नेता आजम खां पहली दफा हरदोई की जेल में रहेंगे। उनका इस जेल से कोई नाता नहीं है। शासन के फैसले के बाद अब उन्हें हरदोई की जेल में रखा जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अकेली रह जाएंगी तजीन फात्मारामपुर जेल में अपने पति और बेटे के साथ रह रहीं डा.तजीन फात्मा अब अपने पति और बेटे से दूर हो जाएंगी। शासन ने उनको रामपुर की जेल में ही रखने का फैसला लिया है। Post navigation Israel Hamas War : इजरायल – हमास गाजा के युद्ध में गाजा के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित Varanasi : रूसी महिला ने विश्वनाथ धाम के गेट पर किया हंगामा