गाजा, रॉयटर्स : गाजा और इजरायल के बीच चल रहे भीषण युद्ध में सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हो रहे हैं। इजरायल द्वारा गाजा पर निरंतर बमबारी की जा रही है इस बमबारी के चलते गाजा के बच्चे सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। भीषण बमबारी के चलते गाजा के बच्चों में पिछले दो सप्ताह से डर और घबराहट के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। गाजा के बच्चों में हो रहे हैं गंभीर लक्षण विकसित माता- पिता के साथ-साथ मनोचिकित्सकों का भी कहना है कि गिरते बमों से छुपने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं मिलने के कारण बच्चे हमलों को देख रहे हैं उनके सामने लोगों की मृत्यु हो रही है और चारों और डर के माहौल के चलते वो सदमे में जा रहे हैं। गाजा की 2.3 मिलियन की आबादी में से लगभग आधे बच्चे हैं। गाजा में हो रहे निरंतर बमबारी के चलते बहुत से लोग अपने घरों से भागने के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूलों में अस्थायी आश्रयों में रहने को विवश हैं। गाजा के मनोचिकित्सक फाडेल अबू हीन ने कहा, “बच्चों… के शरीर में ऐंठन, , डर, बिस्तर गीला करना, घबराहट ,आक्रामक व्यवहार,और अपने माता-पिता का साथ न छोड़ना जैसे गंभीर सदमे के लक्षण विकसित होने लगे हैं।”फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गाजा में अब तक 4,100 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 1,500 से अधिक बच्चे भी सम्मिलत हैं, जबकि 13,000 लोग घायल हुए हैं। UN के अस्थायी आश्रयों में 380,000 से अधिक लोग रहने को मजबूरसंयुक्त राष्ट्र के स्कूलों में अस्थायी आश्रयों में 380,000 से जयादा लोग बमबारी से बचने की उम्मीद से डेरा डाले हुए हैं जहां और समस्या बढ़ रही है। यहां की हालत ऐसी है कि कभी-कभी प्रत्येक कक्ष में 100 लोग सोते हैं, जिनमें से सभी को निरंतर साफ-सफाई की आवश्यकता होती है। बिजली और पानी के कमी के चलते यहां के शौचालयऔर बाथरूम औ बहुत गंदे दीखते हैं। Post navigation Parineeti Chopra Birthday : प्रियंका चोपड़ा ने परिणीति को किया बर्थडे विश Azam Faimly News : आजम हरदोई और अब्दुल्ला सीतापुर जेल रहेंगे, रामपुर में ही रहेंगी डॉ. तजीन