बांदा, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पिछले करीब पखवाड़े से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने से दिन में गर्मी और रात में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन के समय लोग किसी तरह गुजारा कर लेते हैं, लेकिन रात में बिजली न होने के कारण स्थिति बेहद खराब हो जाती है। पंखे और कूलर बंद रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग मजबूर होकर छतों या घरों के बाहर सोने निकल रहे हैं। दिन के समय लोग किसी तरह गुजारा कर लेते हैं, लेकिन रात में बिजली न होने के कारण स्थिति बेहद खराब हो जाती है। पंखे और कूलर बंद रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग मजबूर होकर छतों या घरों के बाहर सोने निकल रहे हैं। बार-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे हालांकि, बाहर भी राहत नहीं मिल रही। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की नींद छीन ली है। बार-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है शहर के 31 वार्डों की करीब डेढ़ लाख आबादी को तुलसी नगर, पीलीकोठी, चिल्ला रोड और भूरागढ़ स्थित 33/11 के चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन मौजूदा समय में यह व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। रात में तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहने से बिना कूलर या पंखे के रहना मुश्किल हो गया है। शहर ही नहीं, बल्कि कस्बों और गांवों में भी हालात बदतर हैं। कई इलाकों में घंटों तक बिजली नहीं आती, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। आंधी और हल्की बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए बीते शुक्रवार को तेज आंधी और हल्की बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सिविल लाइंस, डीएम कॉलोनी, बिजली खेड़ा, जरैली कोठी और स्वराज कॉलोनी समेत कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन राहत नहीं मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि मई और जून में तापमान और बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है, अगर समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। अधिक तापमान बढ़ने व आंधी तूफान के चलते बिजली समस्याएं आती हैं। वहीं गर्मी में अधिक लोड बढ़ने से फाल्ट आदि की समस्या सामान्य बात है। लेकिन सूचना मिलने पर जल्दी ठीक करवाने का प्रयास किया जाता है। टीमें भी गठित कर दी गईं हैं। -रविकांत, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग, बांदा Post navigation योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: यूपी में बनेंगे 49 नए बस अड्डे अमेरिका के बाद वेनेजुएला देश के राष्ट्रपति बनना चाहते हैं ट्रंप ?