ढाका, एजेंसी : बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर नफरत की आग में एक निर्दोष की जान लेने की कोशिश की गई। शरीयतपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी को भीड़ ने घेरकर जान से मारने की कोशिश की।
शरीयतपुर के कनेश्वर यूनियन अंतर्गत तिलोई इलाके में खोकन चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि पहले उसे बेरहमी से पीटा गया, फिर धारदार हथियार से हमला किया गया। इसके बाद हमलावरों ने उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की।
खोकन चंद्र दास ने आखिरी वक्त पर पास के तालाब में लगा दी छलांग
आग की लपटों से बचने के लिए खोकन चंद्र दास ने आखिरी वक्त पर पास के एक तालाब में छलांग लगा दी। इससे उसकी जान बच गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में बाहर निकाला और तत्काल शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
पीड़ित खोकन चंद्र दास (40), परेश चंद्र दास के बेटे हैं और दामुद्या के केउरभंगा बाजार में एक फार्मेसी चलाते हैं। बुधवार रात करीब 9 बजे वे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर हमला कर दिया गया।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। फिलहाल हमले के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
दो हफ्तों में तीसरी हिंसक वारदात
बीते दो सप्ताह में हिंदुओं पर यह तीसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है
18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी और उसके शव को पेड़ से बांधकर जला दिया गया था।
इसके बाद 25 दिसंबर को अमृत मंडल को पीट-पीटकर मार डाला गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय आलोचना से बचने के लिए बांग्लादेश प्रशासन ने उसे आपराधिक पृष्ठभूमि से जोड़ने की कोशिश की थी।
