बरेली, संवाददाता : बरेली के गांव सरदारनगर में सोमवार शाम ओवरहेड टैंक ढहने के मामले में तीन इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। दो इंजीनियरों को बर्खास्त कर दिया गया। जबकि जेई को निलंबित किया गया। वहीं ओवरहेड टैंक का निर्माण कराने वाली एजेंसी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
बरेली के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में 3.62 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ साल पहले बना 60 फुट ऊंचा ओवरहेड टैंक सोमवार शाम साढ़े पांच बजे भरभराकर गिर गया। पानी की टंकी के पास बैठे गांव के डोरीलाल (32), अर्जुन (30), वीरपाल (48), रविंद्र (50), नन्कू उर्फ वेदपाल (45) मलबे में दबकर घायल हो गए। वहां मौजूद गुड्डू, ठाकुरदास, नन्नू व डबरू भी मामूली जख्मी हुए हैं। इनमें से एक की हालत नाजुक है।
इंजीनियरों पर गिरी गाज
इस हादसे ने सरकारी भवनों के निर्माण में जड़ तक फैले भ्रष्टाचार को भी बेपर्दा कर दिया। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर निर्माणदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही जल निगम ग्रामीण के संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
जल निगम ग्रामीण के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया
जल निगम ग्रामीण के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ टीपीआई बीएलजी के बरेली स्थित सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हटा दिया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है।
बारिश के बाद धंस गए थे पिलर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण रोज की तरह टंकी के पास ही बैठे हुए थे, तभी अचानक एक तेज आवाज के साथ पूरी संरचना ढह गई। मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। घटना के समय टैंक पूरी तरह पानी से भरा हुआ था। शाम को बारिश के बाद अचानक इसके पिलर धंसने लगे और कुछ ही सेकंड में हादसा हुआ। ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण ही टंकी गिरी है। इस टंकी के निर्माण का जिम्मा 21 दिसंबर 2022 को एनसीसी लिमिटेड को सौंपा गया था।
एजेंसी होगी ब्लैकलिस्ट
निर्माणदायी एजेंसी एनसीसी लिमिटेड और टीपीआई बीएलजी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है। वहीं मामले की प्रारंभिक जांच टेक्नीकल ऑडिट कमेटी को सौंपी गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर देगी। टीएसी रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में अग्रिम कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच एडीएम स्तर के अधिकारी और तकनीकी टीम से कराई जाएगी। शासन को मामले की जानकारी दी गई है। कार्यदायी संस्था की ओर से कराए गए अन्य सभी कार्यों की जांच कराई जाएगी।
