नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए कहा, पूरी दुनिया की निगाहें भारत की मजबूत होती आर्थिक साख पर टिक गईं हैं। यह पहला मौका है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, बिजनेस और टेक्नोलॉजी के दिग्गजों का यह प्रतिष्ठित मंच भारत की धरती पर सजा है। पीएम मोदी ने कहा, भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं। करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज पेपर और प्रकाशन हैं। 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं।इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब उपभोक्ता हैं। 500 मिलियन से अधिक विशाल उपभोक्ता हैं। हमारे यहां अलग-अलग मठों पर सामूहिक चर्चा होती है, हमारे यहां अलग-अलग संप्रदाय पर सामूहिक चर्चा होती है। इसमें डिजिटल पावर ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’ डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पीएम मोदी ने विदेशी मेहमानों से कहा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए। हमारे यहां एक स्ट्रीट वेंडर और कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है, उनका स्केल अलग है, लेकिन भारत में ये दोनों डिजिटल पेमेंट के एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। यहीं इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है। पहली बार भारत में हुआ आयोजन PM मोदी ने कहा कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम हर साल दुनिया के बेहतरीन विचारकों को एक मंच पर लाता है। पहली बार भारत में इस आयोजन के होने पर उन्होंने ब्लूमबर्ग और उसकी टीम को बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान, धन और ताकत रखने वाले व्यक्ति या संस्थान उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से करते हैं, यह बेहद महत्वपूर्ण है। ताकत की असली कीमत उसके सही इस्तेमाल में है। उन्होंने बताया कि भारत की हजारों साल पुरानी परंपरा भी इसी सोच को सिखाती है। देश ने अपने शासन और काम करने के तरीके में इस विचार को अपनाने का प्रयास किया है। पीएम ने कहा कि आज असली सवाल यह नहीं है कि ताकत किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। अगर तकनीक का फायदा सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित रहे, तो उसका उद्देश्य अधूरा है। इसका असली लक्ष्य लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना और उनकी क्षमता बढ़ाना होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन आज बड़ी ताकत बन चुके हैं। अब जरूरी है कि इनका इस्तेमाल आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने और सभी की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तकनीक सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाती है या लाखों लोगों के लिए नए अवसर भी बनाती है? इसी तरह, ज्ञान का लाभ कुछ लोगों तक सीमित रहने के बजाय सभी की क्षमता बढ़ाने में मददगार होना चाहिए। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के पास अधिकार तो है, लेकिन उसका मकसद नागरिकों को सिस्टम पर निर्भर बनाना नहीं होना चाहिए। बल्कि, इसका मकसद नागरिकों को मजबूत और सशक्त बनाना होना चाहिए, और भारत इसी रास्ते पर चल रहा है। इसी रास्ते पर चलते हुए, भारत ने पिछले दस सालों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जो दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा है। Post navigation कर्नाटक HC ने ST/SC कोटा को 50 प्रतिशत की सीमा से ज्यादा करने वाले फैसले को किया रद जिम्बाब्वे : पहली महिला इंटरनेशनल अंपायर का 36 वर्ष की उम्र में निधन