Bharat में AI जॉब्स का बूम, इस वर्ष 3.80 लाख भर्तियों का अनुमान

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : भारत में साल 2025 के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नौकरियों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश में पिछले साल एआई से जुड़े 2,90,256 पदों पर भर्तियां हुईं, जिससे यह साफ होता है कि एआई अब सर्विस सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। यह जानकारी मंगलवार को जारी फाउंडइट जॉब सर्च (पूर्व में मॉन्स्टर) की रिपोर्ट में सामने आई है।

2026 में एआई भर्तियों में और तेजी का अनुमान

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2026 में एआई से जुड़ी भर्तियों की रफ्तार और तेज होगी। अनुमान है कि अगले साल एआई (आरटीआई) के जरिए होने वाली भर्तियों में साल-दर-साल 32% की बढ़ोतरी होगी और यह संख्या करीब 3.80 लाख पदों तक पहुंच सकती है।

2025 के अंत तक मजबूत हुआ रोजगार बाजार

भारत का रोजगार बाजार साल 2025 के अंत तक फिर से मजबूती की ओर बढ़ता दिखा। विभिन्न सेक्टरों, भूमिकाओं और शहरों में लगातार भर्तियां जारी रहीं। भर्तियों में महीने-दर-महीने 5% और सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एआई अब प्रयोग नहीं, रणनीति का अहम हिस्सा

फाउंडइट के चीफ प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी ऑफिसर तरुण शर्मा ने कहा कि साल 2025 में भर्तियों में न केवल विस्तार हुआ, बल्कि समझदारी भी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि एआई अब कोई प्रयोग नहीं रहा, बल्कि वर्कफोर्स प्लानिंग का अहम हिस्सा बन चुका है। आने वाले समय में कंपनियां कौशल-आधारित और अनुभवी प्रोफेशनल्स को ज्यादा प्राथमिकता देंगी।

आईटी और बीएफएसआई में सबसे ज्यादा एआई नौकरियां

रिपोर्ट के अनुसार, आईटी-सॉफ्टवेयर और सर्विसेज सेक्टर में एआई से जुड़ी नौकरियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 37% रही। इसके बाद बैंकिंग और बीएफएसआई सेक्टर 15.8% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 6% रही।

कई सेक्टरों में एआई नौकरियों की मजबूत ग्रोथ

बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में एआई नौकरियों में 41% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स (38%), रिटेल (31%), लॉजिस्टिक्स (30%) और टेलीकॉम (29%) जैसे सेक्टरों में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली।

जनरेटिव एआई और एलएलएम स्किल्स की सबसे ज्यादा मांग

रिपोर्ट में बताया गया कि जनरेटिव एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) से जुड़े कौशल में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन स्किल्स की मांग में सालाना आधार पर 60% की वृद्धि हुई, जिसका कारण चैटबॉट, स्मार्ट असिस्टेंट और कंपनियों में एआई का बढ़ता उपयोग रहा।

बेंगलुरु सबसे आगे, छोटे शहरों में भी उछाल

एआई नौकरियों के मामले में बेंगलुरु शीर्ष पर रहा, जहां कुल एआई नौकरियों का 26% हिस्सा दर्ज किया गया। टियर-1 शहरों में हैदराबाद ने सबसे तेज वृद्धि दिखाई। वहीं जयपुर, इंदौर और मैसूर जैसे छोटे शहरों में भी एआई से जुड़ी नौकरियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।

अनुभवी प्रोफेशनल्स की बढ़ी मांग

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में कंपनियों ने मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को ज्यादा प्राथमिकता दी। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं, जिनके पास एआई से जुड़े कामों का ठोस अनुभव हो।

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