नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : भारत का रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के आरईआईटी की कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसके साथ ही भारत ने हांगकांग के आरईआईटी बाजार को भी पीछे छोड़ दिया है।
एनारॉक कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक भारत के आरईआईटी का मार्केट कैप करीब 1.66 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया, जो हांगकांग से अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि भारत में अभी केवल 32% योग्य संपत्तियां ही आरईआईटी के रूप में सूचीबद्ध हैं।
यह रिटर्न सिंगापुर, जापान और हांगकांग जैसे देशों से बेहतर
पिछले पांच वर्षों में भारतीय आरईआईटी ने हर साल औसतन 8.9% से अधिक रिटर्न दिया है। यह रिटर्न सिंगापुर, जापान और हांगकांग जैसे देशों से बेहतर रहा है, जबकि कई विकसित देशों में इस अवधि के दौरान रिटर्न कम या नकारात्मक रहा।
एनारॉक कैपिटल के सीईओ शोभित अग्रवाल ने कहा, “वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में आरईआईटी ने अच्छा प्रदर्शन किया और ब्याज दरों में वृद्धि तथा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनाए रखी। अब तक सूचीबद्ध चार आरईआईटी की कीमतों में 25 से 61% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि हाल ही में सूचीबद्ध नॉलेज आरईआईटी ने लगभग 12% का लाभ अर्जित किया है।”
रिपोर्ट के अनुसार, प्रति यूनिट मूल्य में वृद्धि और नियमित आय के चलते निवेशकों को पिछले एक वर्ष में 5.1 से 6% तक की अच्छी कमाई हुई है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के पांच आरईआईटी ने मिलकर 2,331 करोड़ रुपए का वितरण किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70% अधिक है।
यह सेक्टर जल्द ही 20 अरब डॉलर के मार्केट कैप को कर सकता है पार
एनारॉक कैपिटल के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के प्रबंध निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और बड़े इंडेक्स में शामिल होने की संभावना के चलते यह सेक्टर जल्द ही 20 अरब डॉलर के मार्केट कैप को पार कर सकता है।
आरईआईटी को अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों को करना होता है वितरित
नियमों के अनुसार, आरईआईटी को अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों को वितरित करना होता है, जिससे आम निवेशकों और बड़े संस्थागत निवेशकों को बड़े ऑफिस परिसरों में निवेश का अवसर मिल रहा है।
देशभर में हुए कुल ऑफिस किराए में से 20% से अधिक हिस्सा आरईआईटी का
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि आरईआईटी के अंतर्गत आने वाले ऑफिस स्पेस की ऑक्यूपेंसी 90 से 96% के बीच बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में देशभर में हुए कुल ऑफिस किराए में से 20% से अधिक हिस्सा आरईआईटी का रहा, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती मजबूती को दर्शाता है।
