वाशिंगटन, डिजिटल डेस्क : भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्रीनिवास प्रसाद थानेदार और राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिका में भारत के खिलाफ नफरत का मुकाबला करने का संकल्प लिया और प्रवासी समुदाय के सदस्यों से सार्वजनिक कार्यालयों के लिए चुनाव लड़ने का आग्रह किया। भारतीय अमेरिकी समिति द्वारा आयोजित अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ समारोह में डेमोक्रेट सांसद थानेदार ने कहा कि कुछ लोग अक्सर भूल जाते हैं कि अमेरिका अप्रवासियों का देश है। मिशिगन से अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य थानेदार ने कहा,”अमेरिका में आप्रवासियों के खिलाफ जो नफरत हमने देखी है, उसे सहन नहीं किया जाना चाहिए। हमें मांग करनी चाहिए कि आप्रवासी, उनकी संस्कृति और इस महान देश में उनके योगदान को हर दिन सम्मानित किया जाए।” मिशिगन से कांग्रेस सदस्य थानेदार ने कहा,”हम तब तक नहीं बदल सकते जब तक हम में से कई लोग सार्वजनिक सेवा में नहीं आते मिशिगन से कांग्रेस सदस्य थानेदार ने कहा,”हम तब तक नहीं बदल सकते जब तक हम में से कई लोग सार्वजनिक सेवा में नहीं आते, अपने देश की सेवा नहीं करते और उस ऊर्जा और ज्ञान के साथ काम नहीं करते जो हमारे पास है। हमें अपने राजनीतिक क्षेत्र में अधिक भारतीय अमेरिकियों को देखना चाहिए, जो विभिन्न स्तरों पर (स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर) सेवा कर रहे हैं।” इलिनायस से कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति ने भी अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारत विरोधी नफरत के बारे में बात की और मुकाबला करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “हम यहां रहने के लिए हैं। हम इस देश के ताने-बाने का हिस्सा हैं। और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर हम मुकाबला करने जा रहे हैं।” कृष्णमूर्ति ने कहा कि जब उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें उन्हें भारत में निर्वासित करने की धमकी दी गई थी। इस वर्ष मार्च में इलिनायस से अमेरिकी सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी में हार का सामना करने वाले कृष्णमूर्ति ने कहा, “हम भारत विरोधी नफरत का मुकाबला करेंगे। हम हिंदू विरोधी नफरत का मुकाबला करेंगे।” Post navigation दक्षिण चीन सागर में डूबा वियतनामी जहाज, 45 लोग बचाए गए , 17 अब भी लापता भारत में गोद लेने के मामलों में जबरदस्त उछाल, 1 वर्ष में 5000 बच्चों को मिला परिवार