नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क : भारत के ई-कॉमर्स और छोटे कारोबारियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने डाक के माध्यम से भेजे जाने वाले माल पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव का दायरा बढ़ा दिया है। अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डाक के जरिए किए गए निर्यात पर भी ड्यूटी ड्रॉबैक, आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से खास तौर पर एमएसएमई, छोटे कारोबारी और छोटे शहरों व दूरदराज के इलाकों से निर्यात करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। डाक के जरिए कम मात्रा में सामान भेजने वाले निर्यातक अब बड़े निर्यातकों के मुकाबले ज्यादा बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। इससे उनकी लागत घटेगी और विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान होगी। सीबीआईसी ने डाक निर्यात ने डाक निर्यात विनियम, 2022 में संशोधन को दी मंजूरी इन सुविधाओं को लागू करने के लिए सीबीआईसी ने डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम, 2022 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत डाक के रास्ते निर्यात किए गए माल पर अब आसानी से शुल्क वापसी और अन्य प्रोत्साहन मिल सकेंगे। इस संबंध में 15 जनवरी 2026 को अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें नई प्रक्रिया और नियमों की जानकारी दी गई है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने ई-कॉमर्स निर्यात को मजबूत करने के लिए कई डिजिटल और नीतिगत सुधार किए हैं। विदेश व्यापार नीति 2023 में पहली बार डिजिटल व्यापार और सीमा पार ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए अलग अध्याय जोड़ा गया है। इसमें डाक, कोरियर और ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। फिलहाल देश में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत 28 विदेशी डाकघर अधिसूचित हैं। डाक निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, ताकि निर्यातकों को कम कागजी काम करना पड़े। इसके अलावा, सितंबर 2024 से डाक निर्यात पर आईजीएसटी रिफंड की प्रक्रिया भी स्वचालित कर दी गई है, जिससे रिफंड जल्दी मिलने लगा है। ई-कॉमर्स निर्यात को और आसान बनाने के लिए सीबीआईसी और डाक विभाग ने मिलकर ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल शुरू किया है। इसके तहत देशभर में 1,000 से ज्यादा डाक निर्यात केंद्र बनाए गए हैं, जहां से निर्यात पार्सल की बुकिंग और प्रोसेसिंग होती है। इससे छोटे कारोबारियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल रही है। डाक के जरिए निर्यात पर इंसेंटिव बढ़ाने का यह फैसला निर्यात को सरल, सस्ता और ज्यादा समावेशी बनाने की दिशा में सरकार का एक और अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ भारत के ई-कॉमर्स निर्यात को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार में देश की स्थिति भी और मजबूत होगी। Post navigation Bijapur : सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर देश की पहली Vande Bharat Sleeper ट्रेन को PM Modi ने दिखाई हरी झंडी