रिपब्लिक समाचार, न्यूज़ डेस्क : भारत और जापान के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़, एक्सरसाइज़ धर्मा गार्डियन, अभी उत्तराखंड के चौबटिया में फॉरेन ट्रेनिंग नोड में चल रही है। एक्सरसाइज़ का सातवां एडिशन 24 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ और 9 मार्च, 2026 तक चलेगा। यह एक्सरसाइज़ भारत और जापान के बीच बढ़ते डिफेंस कोऑपरेशन को मज़बूत करने के साथ-साथ बदलती सिक्योरिटी चुनौतियों और टेररिज़्म के खतरे से मिलकर निपटने पर फोकस है।
इस अभ्यास में दोनों देशों की सेना के लगभग 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। जापान की ओर से जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक भाग ले रहे हैं। वहीं भारत की ओर से भारतीय सेना की प्रसिद्ध लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंट के जवान इस अभ्यास में शामिल हैं। लद्दाख स्काउट्स कठिन इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में अपने अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, उपकरण और प्रशिक्षण के तरीकों को समझा
अभ्यास की शुरुआत पहले दिन परिचय और समन्वय गतिविधियों से हुई, जिसमें दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, उपकरण और प्रशिक्षण के तरीकों को समझा। इसके बाद संयुक्त प्रशिक्षण का चरण शुरू हुआ, जिसमें अर्ध-शहरी क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस दौरान सैनिक कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों का अभ्यास कर रहे हैं। इनमें अस्थायी संचालन आधार (Temporary Operating Base) स्थापित करना, खुफिया निगरानी और टोही तंत्र बनाना, तथा मोबाइल वाहन जांच चौकियां स्थापित करना शामिल है। इसके अलावा सैनिक शत्रुतापूर्ण माहौल में घेराबंदी और तलाशी अभियान का अभ्यास भी कर रहे हैं।
अभ्यास में हेलीकॉप्टर के माध्यम से सैनिकों को तेजी से ऑपरेशन क्षेत्र में उतारने की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही इमारतों के अंदर प्रवेश कर कार्रवाई करने के लिए विशेष अभ्यास भी किया जा रहा है।
इस संयुक्त अभ्यास में शारीरिक क्षमता, टीमवर्क, संयुक्त योजना और दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी संयुक्त अभियान के दौरान दोनों सेनाएं प्रभावी ढंग से साथ काम कर सकें।
अभ्यास का समापन एक अंतिम परीक्षण चरण के साथ होगा, जिसमें सैनिकों द्वारा सीखे गए कौशल और प्रशिक्षण का मूल्यांकन एक संयुक्त फील्ड अभ्यास के माध्यम से किया जाएगा।
यह सैन्य अभ्यास भारत और जापान की सेनाओं के बीच मित्रता और सहयोग को मजबूत बना रहा है। साथ ही यह दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
